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योगी मंत्रिपरिषद के विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को तवज्जो


जितिन प्रसाद बने कैबिनेट मंत्री, छह अन्य ने ली राज्य मंत्री पद की शपथ



लखनऊ, 26 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रविवार को अपने मंत्रिपरिषद का दूसरा विस्तार किया। इसमें जितिन प्रसाद ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली, जबकि छह अन्य राज्य मंत्री बनाये गये। विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले हुए इस विस्तार में सरकार और संगठन ने क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है। साथ ही एक महिला को राज्य मंत्री बनाकर आधी आबादी को भी तवज्जो दी गयी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा है कि आज सम्पन्न हुआ उप्र मंत्रिपरिषद का विस्तार पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के दर्शन को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि आज का विस्तार हर तबके को प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन की भावना, समरसता का संदेश तथा अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अवसर प्रदान करने की मंशा से ओतप्रोत है।

योगी ने मंत्रिपरिषद में शामिल हुए सभी नये सदस्यों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं भी दी हैं। उन्होंने विश्वास किया है कि नये मंत्रियों की ऊर्जा, प्रतिबद्धता, अनुभव एवं जन पक्षधरता ‘अंत्योदय’ के संकल्प को साकार करने में सहयोगी सिद्ध होगी।

ये हैं नये मंत्री

-जितिन प्रसाद

नये मंत्रियों में कांग्रेस से भाजपा में आये जितिन प्रसाद ब्राह्मण समाज से आते हैं। वह शाहजहांपुर के रहने वाले हैं और रुहेलखंड क्षेत्र में उनका अच्छा प्रभाव माना जाता है। जितिन प्रसाद कांग्रेस में बड़े कद के नेता थे। वह दो बार सांसद रहे और कांग्रेस की मनमोहन सरकार में राज्य मंत्री भी रहे। जितिन प्रसाद ने योगी सरकार में आज कैबिनेट मंत्री के पद की शपथ ली।

-छत्रपाल गंगवार

बरेली के बहेड़ी से लगातार दूसरी बार विधायक बने छत्रपाल गंगवार को राज्य मंत्री बनाया गया है। वह कुर्मी समाज यानि पिछड़ा वर्ग से आते हैं। सरकार और संगठन ने बरेली जिला और क्षेत्र में पिछड़े वर्ग को सहेजने के लिए उन्हें मंत्री बनाया है। राजनीति में आने से पहले छत्रपाल गंगवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से लंबे समय तक जुड़े रहे।

पलटू राम

पलटू राम बलरामपुर की सदर सुरक्षित सीट से भाजपा विधायक हैं। वह जाटव समाज से ताल्लुक रखते हैं। विधायक बनने से पहले वह जिला पंचायत के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। भाजपा से पहले पलटू राम बसपा में थे। उन्हें एक सादगी पसंद राजनेता माना जाता है। वह छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे और सामाजिक कार्य करते रहे।

धर्मवीर सिंह

धर्मवीर सिंह हाथरस जिले के बहरदोई के रहने वाले हैं। वह भाजपा से एमएलसी और उप्र माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। धर्मवीर प्रजापति समाज से आते हैं। राजनीति में आने से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर उन्होंने सामाजिक कार्य किया है। भाजपा में पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के वह प्रदेश महामंत्री रहे। बाद में दो बार भाजपा संगठन में दो बार प्रदेश मंत्री का दायित्व भी संभाला। आज उन्हें भी राज्य मंत्री पद की शपथ दिलायी गयी।

दिनेश खटीक

अनुसूचित जाति में सोनकर समाज के दिनेश खटीक मेरठ के हस्तिनापुर से भाजपा विधायक हैं। भाजपा में आने से पहले वह भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से लंबे अरसे से जुड़े रहे। इन्होंने 2017 में पहली बार भाजपा के टिकट से हस्तिनापुर विधानसभा से चुनाव लड़ा था और बसपा उम्मीदवार को हराकर विधायक बने थे।

संजीव सिंह

संजीव सिंह सोनभद्र के ओबरा से भाजपा विधायक हैं। वह गोंड समाज के हैं और अनुसूचित जनजाति से आते हैं। सोनभद्र और मिर्जापुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में गोंड जाति के लोगों की अच्छी जनसंख्या है। सरकार और संगठन ने संजीव सिंह को राज्य मंत्री बनाकर गोंड समाज के लोगों को साधने की कोशिश की है।

संगीता बलवंत

डॉ संगीता बलवंत गाजीपुर की सदर सीट से भाजपा विधायक हैं। वह पहली बार विधायक चुनी गई हैं। संगीता बलवंत वह निषाद समुदाय से आती हैं। पूर्वांचल में इस समुदाय का अच्छा खासा प्रभाव है। संगीता छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहीं। उन्हें जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा का करीबी माना जाता है।