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पाकिस्तान में बढ़ते जल संकट से देश की स्थिरता को खतरा : रिपोर्ट


इस्लामाबाद, 09 सितम्बर (हि.स.)। पाकिस्तान एक बड़े जल संकट से गुजर रहा है और यह देश की स्थिरता के लिए विनाशकारी हो सकता है।

इंटरनेशनल फोरम फॉर राइट एंड सिक्योरिटी के अनुसार जल संकट ने विरोध प्रदर्शनों की एक श्रृंखला शुरू कर दी है और इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है।

सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में किसानों ने सिंधु नदी से अपने हिस्से का पानी छोड़ने की मांग को लेकर प्रमुख राजमार्गों को अवरुद्ध करना शुरू कर दिया है।

इंटरनेशनल फोरम की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अमीर और राजनीतिक रूप से बहुल पंजाब प्रांत पर अक्सर आरोप लगाया जाता है कि वह अन्य प्रांतों को सूखा रखते हुए नदी के पानी को उच्चतम और अनुचित मात्रा में ले लेता है।

पाकिस्तान में समय-समय पर सिंधु नदी के पानी के वितरण को लेकर प्रांतों के बीच विवाद देखे गए हैं। सिर्फ सिंध और पंजाब ही नहीं, इस बार सिंध और बलूचिस्तान के बीच संघर्ष देखा जा सकता है। बलूचिस्तान ने सिंध को चेतावनी दी है कि अगर हब बांध से कराची को पानी की आपूर्ति काट दी जाती है तो बाद में प्रांत के हिस्से के पानी की लूट बंद नहीं होगी।

उल्लेखनीय है कि सिंधु नदी जल के बंटवारे को लेकर पाकिस्तान में समय-समय पर प्रांतों के बीच विवाद उत्पन्न हुए हैं। शोधकर्ता प्रांतों के बीच भरोसे की कमी को एक प्रमुख कारण बताते हैं।