Wed. Sep 22nd, 2021

दो भारतीय अध्यापकों का वैश्विक शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन


लंदन, 10 सितम्बर (हि.स.)। यूनेस्को के सहयोग से वर्की फाउंडेशन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में विश्वभर के 50 शिक्षकों को दिए जाने वाले वैश्विक पुरस्कार में दो भारतीय शिक्षक भी शामिल हैं।

वर्की फांउडेशन के पुरस्कार हासिल कर बड़ी उपलब्धिक हासिल करने वालों में बिहार के भागलपुर निवासी सत्यम मिश्रा गणित के शिक्षक हैं, जबकि हैदराबाद की निवासी मेघना मुसुनूरी सामाजिक अध्ययन, अंग्रेजी व गणित की शिक्षिका हैं। दोनों गुरुवार को घोषित 10 लाख डॉलर (करीब 7.35 करोड़ रुपये) के वैश्विक शिक्षक पुरस्कार पाने वाले 50 अध्यापकों में शामिल हैं। इस पुरस्कार के लिए 121 देशों से 8,000 से अधिक नामांकन आए थे।

सत्यम मिश्रा को दुनिया को देखने के बच्चों के तरीके में बदलाव के संकल्प व गणित को रुचिकर बनाने के मद्देनजर इस पुरस्कार के लिए चुना गया। उन्होंने गुणा के आसान फार्मूले इजाद किए। वहीं मेघना मुसुनूरी को शिक्षा के संदर्भ में भविष्यवादी, परोपकारी व जुनूनी उद्यमी बताया जाता है। वह फाउंटेनहेड ग्लोबल स्कूल एंड जूनियर कॉलेज की संस्थापक व अध्यक्ष हैं। साथ ही वह उद्यमी महिलाओं को ऑनलाइन मौजूदगी स्थापित करने में मार्गदर्शन करने वाली गूगल की संस्था वीमेन एंटरप्रेन्योर्स ऑन द वेब (डब्ल्यूईओडब्ल्यू) की हैदराबाद शाखा की अध्यक्ष हैं।

वर्की फाउंडेशन के संस्थापक सन्नी वर्की ने कहा है कि केवल शिक्षा को प्राथमिकता देकर ही हम अपने कल को सुरक्षित कर सकते हैं। शिक्षा विश्वास के साथ भविष्य का सामना करने की कुंजी है।

चार भारतीय विद्यार्थियों को वैश्विक छात्र पुरस्कार

पहली बार शुरू किए गए चेगडॉटओआरजी वैश्विक छात्र पुरस्कार के शीर्ष 50 छात्रों की सूची में चार भारतीय विद्यार्थी भी शामिल हैं। इनमें जामिया मिलिया इस्लामिया (नई दिल्ली) के वास्तुकला के 21 वर्षीय छात्र कैफ अली, आईआईएम (अहमदाबाद) के 23 वर्षीय एमबीए छात्र आयुष गुप्ता, झारखंड की 17 वर्षीय छात्रा सीमा कुमारी और हरियाणा के केंद्रीय विश्वविद्यालय के 24 वर्षीय छात्र विपिन कुमार शर्मा शामिल हैं। इस पुरस्कार के तहत एक लाख डॉलर (करीब 73.55 लाख रुपये) की धनराशि दी जाएगी। चेगडॉटओआरजी की प्रमुख लीला थामस ने कहा कि कोविड के इस मुश्किल दौर में कैफ, आयुष, सीमा व विपिन जैसे छात्रों ने पढ़ाई करते रहने व बेहतर भविष्य के लिए लड़ते रहने का बड़ा साहस दिखाया है।