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इस दिवाली कारोबारियों की रहेगी चांदी, दो साल बाद बाजारों में उमड़ी ऐसी भीड़: कैट


नई दिल्ली, 01 नवंबर (हि.स.)। त्योहारी सीजन में बाजारों में ग्राहकों की उमड़ती भीड़ देखकर लगता है कि इस साल कारोबारियों की चांदी रहेगी। पिछले दो वर्षों से ग्राहकों के लिए तरस रहे व्यापारी कहते हैं कि देशभर के बाजारों में एक बार फिर से रौनक लौट आई है। कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) का कहना है कि जैसे-जैसे दिवाली का दिन करीब आ रहा है, ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है।

कैट ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि अभी दो दिन पहले ही अहोई अष्टमी से दीपावली पर्व की शुरुआत हो गई है। कारोबारी संगठन का कहना है कि इस वर्ष राजधानी दिल्ली सहित देशभर के बाजारों में ग्राहकों की संख्या में दिन प्रतिदिन बढ़ोतरी होती जा रही है। इससे देशभर के व्यापारियों को लगता है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष दिवाली पर खरीदारी में ज्यादा वृद्धि होगी।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि वर्ष 2019 और 2020 की दिवाली कारोबारियों के लिहाज से बेहद फीकी रही लेकिन इस बार व्यापारियों को दिवाली त्योहार से बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि इस बार चीन के कारोबार को बड़ा नुकसान होगा, क्योंकि दो दिन पहले कैट ने एक सर्वे किया था। उसके आधार पर कहा जा रहा है कि इस वर्ष चीन को दिवाली के त्योहार पर 50 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का नुकसान होगा। इसकी वजह ये है कि बाजारों में मोटे तौर पर चीनी सामान नदारद है। उन वस्तुओं की जगह देसी सामानों ने ले लिया है।

खंडेलवाल का मानना है कि लोग इस बार संभलकर खरीदारी कर रहे हैं। लोगों में एक मानसिकता बन गई है कि वे अपने घर में किसी भी आकस्मिक विपदा से निपटने के लिए एक बचत कोष रखते हैं। इसलिए इस बार बाजारों में ग्राहक त्योहार से संबंधित वस्तुएं ही खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि खास तौर पर मिटटी के दीये, रेडीमेड गारमेंट्स, कपड़े, गिफ्ट आइटम्स, एफएमसीजी प्रोडक्ट्स, रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं, सौंदर्य प्रसाधन, कन्फेक्शनरी, मिठाई, घर में साज सज्जा की वस्तुएं, बिजली की लड़ियां एवं सजावटी बल्ब, मेहंदी, रंगोली का सामान, बिजली की कंदिलें, हैंडलूम फैब्रिक्स, फर्निशिंग आइटम्स आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।

कैट महामंत्री ने यह भी कहा कि जिस तरह से ग्राहक बाजारों में आ कर खरीदारी कर रहे हैं, वो ई-कॉमर्स व्यापार पर एक बड़ा तमाचा है। उन्होंने कहा कि ग्राहक भी जागरूक हो गए हैं। वह माल खरीदने से पहले यह पूछ रहे हैं कि खरीदा जाने वाला सामान चीन का तो नहीं है। खंडेलवाल ने कहा कि इस वर्ष 2 नवंबर को धनतेरस के दिन भी देशभर के सर्राफा व्यापारियों को भी बड़े व्यापार की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से देश में लोगों की क्रय क्षमता में कमी आई है, लेकिन सोने-चांदी के बढ़ते भाव को देखते हुए इस वर्ष भी बाजारों में भारी निवेश की उम्मीद की जा रही है।

खंडेलवाल ने कहा कि हमेशा की तरह इस बार भी सोना-चांदी निवेशकों की पहली पसंद ही रहेगा। इसके लिए सर्राफा कारोबारियों ने भी पूरी तैयारी कर रखी है। उन्होंने बताया कि हर रेंज में ग्राहकों के लिए वैरायटीज उपलब्ध हैं। कैट महामंत्री को पिछले वर्ष धनतेरस पर हुई सोने-चांदी की बिक्री में इस बार 15 से 18 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद है।