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पाकिस्तान से जीत का जश्न, पूर्वी नौसेना कमान पहुंची ‘स्वर्णिम विजय मशाल’


नई दिल्ली, 04 सितम्बर (हि.स.)। पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध में भारत की जीत की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) में स्वर्णिम विजय मशाल को औपचारिक रूप से स्थापित किया गया है। इसे आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री मेकाथोती सुचरिता और ईएनसी के कमांडिंग इन चीफ फ्लैग ऑफिसर वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह ने ‘विक्टरी एट सी’ युद्ध स्मारक पर आयोजित एक शानदार समारोह में स्थापित किया गया।

इस समारोह के साक्षी 1971 के युद्ध में हिस्सा लेने वाले नौसैनिक भी बने। इसके अलावा कार्यक्रम में नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और आंध्र प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। कमांडर-इन-चीफ और आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री ने इस स्थापना समारोह का शुभारंभ पुष्पांजलि अर्पित करके किया। राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वालों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया। भारतीय नौसेना का एक दल इस प्रभावशाली समारोह में औपचारिक ढंग से विजय मशाल को लाया। इसके बाद गृह मंत्री और कमांडर-इन-चीफ ने अनुभवी नौसैनिकों के साथ बातचीत की, जिन्होंने 1971 के युद्ध के दौरान के अपने अनुभव साझा किए।

पाकिस्तान के साथ 1971 में हुए युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों की जीत की यह 50वीं वर्षगांठ है, इसलिए इस वर्ष को उन भारतीय सैनिकों के सम्मान में ‘स्वर्णिम विजय वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिन्होंने कर्तव्य पालन में अपना जीवन दांव पर लगा दिया। इस समारोह को मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 दिसम्बर, 2020 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में चार विजय मशालें जलाई थीं। इन चार विजय मशालों ने चार प्रमुख दिशाओं के माध्यम से देशभर में अपनी यात्रा शुरू की। ये मशालें 1971 के युद्ध का हिस्सा रहे सैनिकों के गांवों से होकर गुजर रही हैं। आईएनएस सुमित्रा पर पोर्ट ब्लेयर से विशाखापत्तनम पहुंचने से पहले दक्षिण कार्डिनल के लिए बेंगलुरु, कोयंबटूर, कोच्चि व मदुरै और चेन्नई के रास्ते विजय मशाल परेड की गई थी।

यह विजय मशाल शहर के विभिन्न विद्यालयों की यात्रा करेगी और उसके बाद राजमुंदरी, विजयवाड़ा और नलगोंडा से होते हुए हैदराबाद की अपनी आगे की यात्रा शुरू करेगी। देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने के बाद चारों विजय मशालें 16 दिसम्बर को वापस नई दिल्ली पहुंचेंगी जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।