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मुख्यमंत्री पद के लिए इच्छुक नहीं थे उद्धव, मेरे कहने पर हुए राजीः शरद पवार


मुंबई, 16 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने दावा किया है कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन उनके कहने पर इस पद के लिए राजी हुए। पवार ने आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी दल भाजपा उद्धव ठाकरे की सरकार गिराने के लिए बेचैन है, लेकिन उद्धव सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव बाद भी महाविकास आघाड़ी की ही सरकार बनेगी।

शरद पवार ने शनिवार को पुणे में पत्रकारों से कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस को मिलाकर महाविकास आघाड़ी का गठन किया गया। महाविकास आघाड़ी के घटक दलों की बैठक में सर्वाधिक विधायकों की संख्या वाली शिवसेना को सरकार का नेतृत्व करने का निर्णय लिया गया था। शिवसेना की ओर से तीन दावेदारों के नाम पर चर्चा हो रही थी। उस समय मैंने ही उद्धव ठाकरे का हाथ जबरन पकड़कर उठाया था और सबने ताली बजाकर इसका स्वागत किया था।

विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि उद्धव ठाकरे खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते थे। इस पर राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है। फडणवीस झूठी बात न करें। पवार ने कहा कि फडणवीस मुख्यमंत्री पद जाने से बेचैन हैं और सरकार गिराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन उद्धव सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।

शरद पवार ने कहा कि फडणवीस कहते हैं कि राज्य सरकार ने वसूली के लिए मोबाइल ऐप बनाया है। यदि ऐसा है तो फडणवीस को ऐप सार्वजनिक करना चाहिए। पवार ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद के पास केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई की खबर सबसे पहले कैसे पहुंचती है। किसी भी कार्रवाई की जानकारी संबंधित संस्थान की ओर से अथवा संबंधित विभाग के मंत्री की ओर से दी जाती है, लेकिन ताज्जुब है कि अब कार्रवाई पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद देते हैं। इसी से साबित हो जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद केंद्रीय जांच एजेंसियों का उपयोग राज्य सरकार गिराने के लिए कर रहे हैं।

राकांपा अध्यक्ष पवार ने कहा कि हालही में आयकर विभाग ने देश में 70 जगह छापेमारी की और 30 लोगों की 184 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का पता लगाया। इनमें अजीत पवार की 3 बहनों के घर पर भी छापेमारी की गई है और आयकर विभाग ने जो लिखकर दिया है वह उनके पास है। यह जानकारी आयकर विभाग के आयुक्त ने दिया है। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस और पूर्व सांसद किरीट सोमैया कह रहे हैं कि 184 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति अजीत पवार की बहनों के घर पाई गई है। अब आयकर आयुक्त सही हैं या भाजपा नेता सही हैं। इस संबंध में किस तरह की कार्रवाई करना है, इसका विचार किया जा रहा है।