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प्रधानमंत्री ने की मप्र में जनजातीय कल्याण की विभिन्न योजनाओं की शुरुआत


भोपाल, 15 नवम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को भोपाल में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर जनजातीय कल्याण की विभिन्न योजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने “राशन आपके ग्राम” योजना का शुभारंभ करते हुए डिंडोरी के अनिल तथा मंडला के लक्ष्मीनारायण को राशन वाहनों की चाबी सौंपी। प्रधानमंत्री ने सिकल सेल रोग उन्मूलन मिशन का शुभारंभ करते हुए झाबुआ की हशीला, अलीराजपुर की सीना डुडवे तथा झाबुआ के मनीष सिंह सिकरवार को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड प्रदान किये।

प्रधानमंत्री मोदी के सम्मुख राशन आपके ग्राम योजना, मध्यप्रदेश सिकलसेल मिशन और प्रदेश में टीकाकरण उपलब्धि तथा शत शत प्रतिशत कोविड-19 करो उपलब्धि वाले जनजातीय बहुल ग्राम नरसिंहरूंडा जिला झाबुआ पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री ने 50 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का वर्चुअल भूमि पूजन भी किया। उन्होंने रतलाम जिले के बाजना में बने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का लोकार्पण भी किया। प्रधानमंत्री ने मंच से आम जनता का अभिवादन किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए।

कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विशेष पिछड़े जनजातीय क्षेत्रों के लिये नियुक्त माध्यमिक शिक्षकों विवेक कुमार भारिया तथा पिंकी सहरिया को और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविशंकर भीमसेनी भारिया को नियुक्ति-पत्र प्रदान किया।

प्रधानमंत्री ने जनजाति कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल प्रवास के दौरान सर्वप्रथम कार्यक्रम स्थल जंबूरी मैदान पहुँचकर जनजातीय गौरव प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित जनजातीय नायकों की गौरव गाथा और कलाकृतियों का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी के दूसरे हिस्से में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और वन धन केन्द्रों के उत्पादों का भी अवलोकन किया और जनजातीय उद्यमिता को सराहा। प्रधानमंत्री ने इसी दौरान वयोवृद्ध जन-प्रतिनिधि पूर्व मंत्री 103 वर्षीय लक्ष्मी नारायण गुप्ता से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने भेंट किया शहीदों की मिट्टी का अमृत कलश

महासम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के 23 जिलों के 75 जनजातीय रणबाँकुरे शहीदों के शहीद स्थलों की मिट्टी से पूरित अमृत कलश भेंट किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल की गोंड रानी कमलापति की प्रतिमा की लघु प्रतिकृति भी भेंट की। प्रसिद्ध जनजातीय लोक चित्रकार पद्मश्री भूरी बाई एवं भज्जू सिंह ने अपनी चित्रकृति ‘भाबरी’ और ‘छाँह’ प्रधानमंत्री को भेंट की।

परंपरागत तरीके से हुआ प्रधानमंत्री का स्वागत

महासम्मेलन के मंच पर पहुँचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनजातीय संस्कृति के अनुरूप परंपरागत स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री को तीर-धनुष भेंट किये। प्रधानमंत्री को धनसिंह भाबर एवं ओमप्रकाश धुर्वे ने परंपरागत जनजातीय जैकेट पहनाई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यपाल मंगुभाई पटेल को वन मंत्री विजय शाह ने बैगा माला व पगड़ी पहनाई। मुख्यमंत्री चौहान को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने बैगा माला एवं पगड़ी भेंट कर सम्मानित किया। लगभग 425 लोक कलाकारों ने आकर्षक लय ताल के साथ जनजातीय करमा नृत्य प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह मांडवे ने दिया।

कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिंया, खाद्य प्र-संस्करण तथा जल शक्ति प्रहलाद पटेल, सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरूगन, मप्र के नगरीय विकास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, कृषि मंत्री कमल पटेल, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य, सांसद एवं विधायक उपस्थित थे।

जम्बूरी मैदान हेलीपेड पर भी जनजातीय परम्परा से हुआ स्वागत

महासम्मेलन के पहले प्रधानमंत्री मोदी का स्टेट हैंगर से जम्बूरी मैदान हैलीपेड पहुंचने पर जनजातीय परम्परा के अनुसार स्वागत किया गया। जनजातीय समुदाय के लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ पारम्परिक नृत्य की प्रस्तुति दी। प्रधानमंत्री के जम्बूरी मैदान हैलीपेड आगमन पर राज्यपाल मंगु भाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया, संभागायुक्त गुलशन बामरा, विधायक कृष्णा गौर और जन- प्रतिनिधियों ने अभिनंदन कर अगवानी की।