Sun. Jan 23rd, 2022

पीएलए एवं एमएनपीएफ ने मणिपुर हमले की जिम्मेदारी


इंफाल, 14 नवम्बर (हि.स.)। मणिपुर में शनिवार को असम राइफल्स की टुकड़ी पर हुए आतंकी हमले की दो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों ने जिम्मेदारी ली। हमले में एक कमांडर समेत पांच जवान शहीद हो गए और कमांडर के परिवार के दो सदस्यों की जान गई है।

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और मणिपुर नागा पीपुल्स फ्रंट (एमएनपीएफ) ने संयुक्त बयान में दावा किया है कि उन्होंने चुराचांदपुर जिला के सेहकन गांव में अर्धसैनिक बल पर हमले को अंजाम दिया।

हमले में असम राइफल्स की खुगा बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनकी पत्नी और आठ साल के बेटे के अलावा बल के चार जवान शहीद हो गए।

इस बीच असम राइफल्स मुख्यालय के डीजी ने शोक व्यक्त किया और लिखा, “13 नवम्बर को दिन के 11 बजे असम राइफल्स के एक काफिले पर थिंगघाट, मणिपुर में विद्रोहियों द्वारा घात लगाकर हमला किया गया था। 46वीं असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी सहित पांच जवानों ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया है। घटना में कमांडिंग ऑफिसर की पत्नी और बच्चे की भी जान चली गई। वह असम राइफल्स के सभी शहीद बहादुर सैनिकों और परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।

46वीं असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर और उनका परिवार शनिवार सुबह करीब 10 बजे मणिपुर के चुराचांदपुर जिलांतर्गत सिंगनघाट सब डिविजन के एस सेखेन गांव के पास एक आतंकवादी हमले में शहीद हो गए। कर्नल विप्लव त्रिपाठी (सीओ-46 एआर), पत्नी और उनके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई और अन्य घायलों को बेहियांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। यह वारदात भारत-म्यांमार सीमा के पिलर संख्या 43 के करीब हुई है।