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मुखिया, सरपंच और जिला परिषद का चुनाव अगस्त में कराने की तैयारी बिहार में


राज्य के 38 जिलों के 76 प्रखंडों में सबसे पहले बनेगी गांव की सरकार

मतदान खत्म होने के 48 घंटे बाद जारी होंगे चुनाव परिणाम



पटना, 30 जून (हि.स.)। बिहार पंचायत चुनाव का बिगुल अगस्त में बज जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने अगस्त में अधिसूचना जारी करने को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। चुनावी अधिसूचना जारी होते ही पूरे राज्य में चुनावी आचार संहिता लागू हो जाएगी।

चुनाव आयोग की तैयारियों के अनुसार बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर लगभग दो महीने आचार संहिता लागू रहेगी। पंचायत चुनाव को लेकर पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। बाढ़ के बावजूद अगस्त से ही चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दस चरणों में होने वाले चुनाव में हर चरण में प्रत्येक जिले के प्रखंडों में चुनाव कराया जाएगा।

इस तरह से पहले चरण में 38 जिलों के 76 प्रखंडों में चुनाव होंगे। बाढ़ग्रस्त जिलों में भी पहले चरण में चुनाव संपन्न कराया जाएगा। आयोग ने बाढ़ग्रस्त जिलों के उन प्रखंडों में पहले चरण में चुनाव कराने का फैसला किया है, जहां बाढ़ का प्रभाव नहीं होगा। किस चरण में जिले के किस प्रखंड में चुनाव होंगे, इसका खाका जिलाधिकारी को तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियों के मुताबिक हर चरण के मतदान के 48 घंटे बाद वोटों की गिनती शुरू होगी और चुनाव के परिणाम जारी होंगे। पहले चरण में इस्तेमाल किए गए ईवीएम के खाली होने बाद उन्हें तीसरे चरण के चुनाव में इस्तेमाल किया जाएगा। पहली बार ईवीएम से हो रहे पंचायत चुनाव में ग्राम कचहरी के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। इसकी वजह यह है कि राज्य निर्वाचन आयोग को मांग के अनुरूप ईवीएम नहीं मिल पाया है।

आयोग की तरफ से साढ़े तीन लाख ईवीएम की मांग की गई थी, जबकि अबतक केवल ढाई लाख ईवीएम ही उपलब्ध हो पाए हैं। आयोग की तरफ से सभी जिलों को ईवीएम उपलब्ध कराने वाले राज्यों की सूची दे दी गई है। इस सूची के आधार पर अपने आवंटित राज्य से जिला प्रशासन ने अपने स्तर से ईवीएम मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 सभी चुनावकर्मियों को कराना होगा टीकाकरण

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के मद्देनजर जिलों को कोरोना से जुड़े विशेष निर्देश जारी किए हैं। इस निर्देश में चुनाव के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी चुनाव कर्मियों का टीकाकरण भी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग अपनी तरफ से वोटरों से भी वैक्सीनेशन कराने की अपील जारी करेगा।