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18 जुलाई: इतिहास के पन्नों में


दक्षिण अफ्रीका के मदीबाः महात्मा गांधी ने युवावस्था में दक्षिण अफ्रीका की जिस जमीन पर अपने अहिंसक राजनीतिक प्रयोगों की शुरुआत की थी, वहीं 18 जुलाई 1918 को रंगभेद के विरोध का वैश्विक प्रतीक बने नेल्सन मंडेला का जन्म हुआ। दक्षिण अफ्रीका संघ के ईस्टर्न केप के म्वेजो में पैदा हुए मंडेला के पिता हेनरी अपने कस्बे के जनजातीय सरदार थे। सरदार के पुत्र को स्थानीय भाषा में मंडेला कहा जाता है इसलिए नेल्सन को मंडेला का उपनाम मिला।

नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। महात्मा गांधी के अहिंसात्मक प्रयोगों से प्रभावित मंडेला ने राष्ट्रपति बनने से पूर्व रंगभेद विरोधी संघर्ष की लंबी यात्रा तय की। वे अपने देश में सदियों से चल रहे रंगभेद के खिलाफ काम करने वाले अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस और इसके सशस्त्र गुट के अध्यक्ष रहे। 27 वर्ष तक उन्होंने रॉबेन द्वीप के कारागार में बिताए, जहां वे कोयला खनिक के तौर पर काम करते थे।

1990 में श्वेत सरकार से समझौते के बाद 1994 में दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद रहित चुनाव हुए। उसमें अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस 62 प्रतिशत मत के साथ सत्ता में आई। 10 मई 1994 को मंडेला अपने देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। मंडेला के लंबे संघर्षों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्रसंघ ने उनके जन्मदिन को मंडेला अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया।

दक्षिण अफ्रीका में आमतौर पर नेल्सन मंडेला के लिए मदीबा का संबोधन इस्तेमाल किया जाता है, जो वहां बुजुर्गों के सम्मान के तौर पर इस्तेमाल होता है। 05 दिसंबर 2013 को 95 वर्ष की आयु में नेल्सन मंडेला का जोहान्सबर्ग स्थित उनके घर में निधन हो गया।

अन्य अहम घटनाएंः

1857ः बंबई विश्वविद्यालय की स्थापना।

1947ः ब्रिटिश संसद द्वारा पारित भारत स्वतंत्रता अधिनियम को ब्रिटेन के सम्राट ने मंजूरी दी।

1977ः वियतनाम संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बना।

1980ः पूर्ण रूप से भारत में निर्मित उपग्रह रोहिणी-1 पृथ्वी की कक्षा में स्थापित।

1985ः सोवियत रूस ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।

2012ः किम जोंगउन को आधिकारिक तौर पर उत्तर कोरिया का सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया।

2012ः बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का निधन।