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मोदी ने की जापानी प्रधानमंत्री से मुलाकात, दोनों ने स्वतंत्र हिन्द-प्रशांत क्षेत्र से प्रतिबद्धता दोहरायी


नई दिल्ली, 24 सितंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को वाशिंगटन डीसी में जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों की समीक्षा की और अफगानिस्तान सहित हाल के वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। वे रक्षा उपकरणों और प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए।

विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने सुगा को भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में बड़ी प्रगति को सक्षम करने में प्रधानमंत्री और मुख्य कैबिनेट सचिव दोनों के रूप में उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने वैश्विक महामारी के बीच टोक्यो ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की सफलतापूर्वक मेजबानी करने के लिए प्रधानमंत्री सुगा को बधाई दी।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के बीच बढ़ती आर्थिक भागीदारी का स्वागत किया। उन्होंने भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस साल की शुरुआत में लचीली, विविध और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला को सक्षम करने के लिए एक सहयोगी तंत्र के रूप में आपूर्ति श्रृंखलाए लचीलापन पहल (एससीआरआई) के शुभारंभ का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विनिर्माण, एमएसएमई और कौशल विकास में द्विपक्षीय भागीदारी विकसित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री सुगा ने प्रधानमंत्री मोदी को सूचित किया कि निर्दिष्ट कुशल श्रमिक (एसएसडब्ल्यू) समझौते को लागू करने के लिए जापानी पक्ष 2022 की शुरुआत से भारत में कौशल और भाषा परीक्षण करेगा।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने कोविड-19 महामारी और इससे निपटने के प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकियों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला और इस संबंध में भारत-जापान डिजिटल साझेदारी में विशेष रूप से स्टार्ट-अप में प्रगति का सकारात्मक मूल्यांकन किया। उन्होंने विभिन्न उभरती प्रौद्योगिकियों में आगे सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया। जलवायु परिवर्तन के मुद्दों और हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने और भारत के राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन के साथ जापानी सहयोग की संभावना पर भी चर्चा हुई।

भारत और जापान के प्रधानमंत्रियों ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना के सुचारू और समय पर कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए अग्रिम प्रयासों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। दोनों नेताओं ने भारत-जापान एक्ट ईस्ट फोरम के तहत भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में द्विपक्षीय विकास परियोजनाओं में प्रगति का स्वागत किया और इस तरह के सहयोग को और बढ़ाने की संभावनाओं का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री सुगा ने विश्वास व्यक्त किया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत-जापान साझेदारी द्वारा प्राप्त मजबूत गति जापान में नए प्रशासन के तहत भी जारी रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह निकट भविष्य में भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान के प्रधानमंत्री का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।