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भारत में इस बार टिड्डी दल के नहीं आने का अनुमान


जैसलमेर, 29 जुलाई (हि.स.)। लंबे अंतराल के बाद विगत कुछ सालों से फसलों के लिए लगातार खतरा बने हुए टिड्डी दलों के आक्रमण से किसानों को इस वर्ष निजात मिलने की संभावना जताई जा रही है।

टिड्डी को लेकर भारतीय अधिकारियों ने पहले ही अनुमान लगा लिया था कि इस बार टिड्डी दल नहीं आएंगे। अब इस अनुमान पर खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने भी मुहर लगा दी है। हाल ही में साउथ वेस्ट एशिया कमीशन की मीटिंग में एफएओ के टिड्डी पूर्वानुमान अधिकारी कीथ क्रीसमैन ने आंकलन कर भविष्यवाणी की है कि भारत और पाकिस्तान में सितम्बर तक एक भी टिड्डी दल नहीं आएगा। इसलिए किसानों के लिए चिंता की बात नहीं है।

गौरतलब है कि कीथ क्रीसमैन का आंकलन सबसे सटीक माना जाता है और इनका कार्यालय रोम (इटली) में है। दो दिन पूर्व ऑनलाइन मीटिंग में विश्व भर के टिड्डी नियंत्रण के अधिकारियों के साथ चर्चा की और उन्हें टिड्डी दलों के मूवमेंट और वास्तविक स्थिति से अवगत करवाया।

टिड्डी चेतावनी संगठन जैसलमेर के अधिकारी डॉ. राजेश ने स्थानीय स्तर पर हिन्दुस्थान समाचार को जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दो सालों में भारत और पाकिस्तान में करोड़ों की तादाद में टिड्डी दलों ने आतंक मचाया था। राजस्थान की पाकिस्तान से लगती सीमा से टिड्डी घुसपैठ की खबर राष्ट्रीय खबर बनी थी। इस बार इस संबंध में पूरी तैयारी की गई थी। साथ ही टिड्डी मूवमेंट पर पूरी निगरानी की जा रही थी। अफ्रीकी देशों से हो कर पाकिस्तान के रास्ते हो कर भारत में पहुंचने की संभावना इस बार नहीं है। अफ्रीकी देशों में थोड़े बहुत टिड्डी दल प्रजनन कर रहे हैं लेकिन हवा की दिशा भारत और पाकिस्तान की तरफ नहीं होने से अब सितम्बर तक टिड्डी का खतरा यहां नहीं रहेगा। दूसरी तरफ भारत और पाकिस्तान में वर्तमान में टिड्डी दल नहीं है। और न ही यहां प्रजनन हुआ है। भारतीय अधिकारियों द्वारा इस बार टिड्डी दलों पर नियंत्रण के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे थे। इसके चलते उनके आने से पहले टिड्डी दलों पर निगरानी की जा रही थी।

अफ्रीका, यमन, इथोपिया और पाकिस्तान में टिड्डी दल कहां-कहां मौजूद हैं और प्रजनन हो रहा है या नहीं। हवा की दिशा को ध्यान में रखते हुए भारतीय टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों ने यही अनुमान लगाया था कि जुलाई माह तक भारत में टिड्डी दलों की आवक नहीं होगी। अब विश्व स्तर के अधिकारी ने भी कह दिया है कि भारत और पाकिस्तान इस बार टिड्डी पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। पाकिस्तान के रास्ते भारत में टिड्डी दल कई सालों से आ रहे हैं। 1993 में टिड्डी दलों का बड़ा हमला हुआ था, उसके बाद कुछ सालों में मामूली टिड्डी दल आए थे। मई 2019 में 27 साल बाद बड़ा हमला हुआ। हालांकि उस समय फसलें नहीं होने से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ लेकिन 2020 में टिड्डी दलों ने करोड़ों की फसलें चौपट कर दी थी। लगातार दो साल टिड्डी हमले से किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा लेकिन इस बार उन्हें राहत मिलने का पूरा अनुमान है। 2019 में बड़ी मात्रा में टिड्डी दल आए जिस पर तो बिल्कुल भी नियंत्रण नहीं हो पाया। जितना भी नियंत्रण किया गया वह किसानों ने अपने स्तर से किया। साल 2020 में सरकारी स्तर के कुछ प्रयास सफल रहे। एयर स्प्रे भी किया गया और वाहन भी बढ़ाए गए और सरकारी कर्मचारी भी जैसलमेर और बाड़मेर आदि में तैनात किए गए ताकि इन पर नियंत्रण किया जा सके।