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कानपुर का विकरू कांड: एक लाख के इनामी गोपाल सैनी का नाटकीय ढंग से कोर्ट में आत्मसमर्पण


लखनऊ, 30 जुलाई (हि.स.)। कानपुर के चौबेपुर विकरू कांड में मारे गए विकास दुबे के साथियों पर पुलिस का शिकंजा लगातार कस रहा है। इसी से परेशान होकर विकास के एक खास गुर्गे और एक लाख के इनामी बदमाश गोपाल सैनी ने बड़े नाटकीय ढंग से कानपुर देहात की जिला कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अब अदालत से गोपाल की हिरासत की मांग कर सकती है।
उल्लेखनीय है कि सीओ समेत आठ पुलिस जवानों की हत्या में आरोपित हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे, उसके भतीजे अमर दुबे, अतुल दुबे, मामा प्रेम कुमार, बउवा दुबे और प्रभात दुबे मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। इसके अलावा इसी मामले के पांच अन्य आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फरार अन्य आरोपितों में विकास का नौकर गोपाल सैनी व हीरू दुबे पर एक-एक लाख और शिव तिवारी, राम सिंह, रामू बाजपेई, बउवन उर्फ बब्बन शुक्ला, बाल गोविंद उर्फ बड्डे महाराज, विष्णु पाल यादव, मोनू त्रिवेदी और शिवम दुबे पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। गोपाल को छोड़कर अब ये सभी बदमाश फरार हैं और इन सभी के पोस्टर तमाम शहरों में लगाए गए हैं। यूपी एसटीएफ और पुलिस इन्हें सरगर्मी से तलाश रही है।

कहीं उन्हें भी ना मार दिया जाय:

कानपुर के विकरू कांड में पांच लाख का इनामी विकास दुबे और उसके पांच अन्य गुर्गों को पुलिस एनकाउंटर में मार चुकी है। एक लाख के इनामी विकास के नौकर गोपाल सैनी को भी यही डर था कि कहीं वह भी पुलिस के हत्थे चढ़ा तो उसका भी एनकाउंटर कर दिया जाएगा। इसी डर से उसने बड़े नाटकीय ढंग से बुधवार की शाम कानपुर की सक्षम अदालत में आत्मसमपर्ण कर दिया। कोर्ट ने उसे माती जेल भेज दिया है। बाकी के आरोपितों को पुलिस तलाश रही है।
बमबाज के नाम से जाना जाता रहा गोपाल सैनी
पुलिस की मानें तो घटना के बाद जब पुलिस ने गोपाल सैनी के घर की तलाशी ली तो बम बनाने के उपकरण मिले थे। दुबे के नौकर दयाशंकर के नाम आवंटित राशन दुकान का भी संचालन गोपाल करता था, जहां से पुलिस को तीन बम भी मिले थे। गोपाल विकास का बहुत खास था। वह विकास के लिए बम बनाने का काम करता था और उसे बमबाज के नाम से पहचाना जाता था।