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इतिहास दिल्ली पुलिस का: पहले कमिश्नर की हुई थी नियुक्ति 1978 में


नई दिल्ली, 30 जून (हि.स.)। दिल्ली में पुलिस की यूनिट शुरू करने के लिए सबसे पहला कोतवाल वर्ष 1237 में तैनात किया गया था। दिल्ली के आखिरी कोतवाल भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के दादा गंगाधर नेहरू थे। अंग्रेजों ने अपने शासन में कोतवाल सिस्टम को बदलकर पुलिस सिस्टम शुरू किया। उस समय दिल्ली पुलिस को पंजाब पुलिस के अधिकारी चलाते थे। वर्ष 1978 में दिल्ली पुलिस का पहला कमिश्नर जेएन चतुर्वेदी को बनाया गया था। इसी कड़ी में बालाजी श्रीवास्तव दिल्ली पुलिस के आज 23वें कमिश्नर हुए।
दिल्ली में पुलिस सिस्टम का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। दिल्ली में वर्ष 1237 में सबसे पहले मलिकुल फखरुद्दीन को दिल्ली का पहला कोतवाल बनाया गया था। वह सुल्तान बलबन, कायकोबद और कैखुसरौ के समय में कोतवाल रहा। उस समय किला राय पिथौरा में कोतवाल का दफ्तर होता था जो आज के महरौली में मौजूद है।
1857 की क्रांति के बाद कोतवाल का सिस्टम खत्म
दूसरा कोतवाल मलिक अलाउल मुल्क बना जिसे 1297 में सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने नियुक्त किया था। शाहजहां ने जब राजधानी को आगरा से दिल्ली शिफ्ट किया तो 1648 में उसने गजनफर खान को इस नए शहर का कोतवाल नियुक्त किया। 1857 की क्रांति के बाद कोतवाल का सिस्टम खत्म हो गया। उस समय दिल्ली के आखिरी कोतवाल भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के दादा गंगाधर नेहरू थे।
पंजाब से चलती थी पूरे दिल्ली की कानून व्यवस्था
अंग्रेजों ने 1861 में इंडियन पुलिस एक्ट बनाया। दिल्ली को पंजाब का हिस्सा रखा गया था और यहां पंजाब पुलिस का कानून चलता था। 1912 में राजधानी बनने के बाद भी पंजाब का कानून यहां पर चलता था। उसी वर्ष पहला चीफ कमिश्नर दिल्ली नियुक्त किया गया जिसे आईजी रैंक की शक्ति मिली थी। 1912 के गैज़ेट की मानें तो दिल्ली की पुलिस व्यवस्था अंबाला से डीआईजी स्तर के अधिकारी द्वारा देखी जाती थी।
दिल्ली में सुपरिटेंडेंट और डिप्टी सुपरिटेंडेंट काम संभालते थे। उस समय में दिल्ली में दो  इंस्पेक्टर, 27 सब इंस्पेक्टर, 110 हवलदार, 985 सिपाही और 28 घुड़सवार पुलिसकर्मी होते थे। उस समय दिल्ली का मुख्यालय सोनीपत और बल्लभगढ़ में होता था। दिल्ली में कुल 10 थाने हुआ करते थे इनमें तीन सबसे बड़े थाने कोतवाली, सब्जी मंडी और पहाड़गंज थे।
1948 में पहला आईजी, 1978 में कमिश्नर
आजादी के बाद 16 फरवरी 1948 में दिल्ली पुलिस को पहला आईजी मिला। उस समय दिल्ली पुलिस के कुल 8000 जवान हो चुके थे। 1961 तक आते-आते दिल्ली पुलिस की संख्या 12000 हो चुकी थी। 1966 में दिल्ली पुलिस की समस्याओं का निवारण करने के लिए जस्टिस जीडी खोसला कमेटी का गठन किया गया। उन्होंने उत्तरी, मध्य, दक्षिण और नई दिल्ली नाम से  चार पुलिस जिला बनाए। दिल्ली पुलिस में एक जुलाई 1978 को पहले पुलिस कमिश्नर जेएन चतुर्वेदी बने थे। अभी के समय में दिल्ली में कुल 15 जिले और 184 पुलिस स्टेशन हैं।