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यूजीसी ऑनलाइन एग्जाम के लिए सभी यूनिवर्सिटी को स्पष्ट दिशा-निर्देश दे


नई दिल्ली, 06 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑनलाइन ओपन बुक एग्जामिनेशन को रद्द किए जाने की मांग करनेवाली याचिका पर सुनवाई करते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को आदेश दिया है कि कल शाम तक दिल्ली यूनिवर्सिटी समेत देश की सभी यूनिवर्सिटी के लिए एक स्पष्ट दिशा-निर्देश के साथ आने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने यूजीसी से पूछा है कि कोरोना संकट के दौरान यूनिवर्सिटीज परीक्षाएं कराएंगी कि नहीं। इस मामले पर कल यानि 7 जुलाई को भी सुनवाई होगी।
जस्टिस हीमा कोहली की बेंच ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डीन ऑफ एग्जामिनेशन, यूजीसी और मानव संसाधन मंत्रालय के वरिष्ठ अफसरों को कल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश होने का आदेश दिया है। पिछली पेशी पर हाई कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पूछा था कि उनके खिलाफ अवमानना की प्रक्रिया क्यों नहीं शुरू की जाए। ओपन बुक एग्जाम 1 जुलाई से शुरू होनेवाली थी लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी ने इसे दस दिनों के लिए टाल दिया था।
याचिका में ओपन बुक एग्जाम के अलावा लॉकडाउन के दौरान दिव्यांग छात्रों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा था कि एक सेमेस्टर से दूसरे सेमेस्टर में प्रमोशन के लिए छात्रों को परीक्षा में बैठने पर जोर नहीं दिया जाएगा। ये परीक्षाएं तब आयोजित की जाएंगी जब स्थिति सामान्य हो जाएगी।
याचिका दो लॉ स्टूडेंट प्रतीक शर्मा और दीक्षा सिंह ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान सभी स्कूल और कॉलेज ऑनलाइन क्लास करा रहे हैं लेकिन दिव्यांग जनों खासकर दृष्टिबाधितों को उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन क्लासेज के लिए दिव्यांगों की जरूरतों का ध्यान नहीं दिया गया है। इससे उनका शिक्षण कार्य पूरे तरीके से प्रभावित हो गया है। याचिका में कहा गया है कि दिव्यांग छात्रों को क्लास से वंचित रखना शिक्षा के उनके अधिकार का उल्लंघन है।