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आत्मनिर्भर गुजरात : अब राज्य में ही होगा कोरोना वेरिएंट का परीक्षण


गांधीनगर/अहमदाबाद, 22 जुलाई (हि.स.)। कोरोना वेरिएंट के परीक्षण करने के मामले में अब गुजरात आत्मनिर्भर हो गया है। अब राज्य के कोरोना वेरिएंट के परीक्षण करने के लिए नमूनों को पुणे या किसी अन्य जगह भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (जीबीआरसी) में अब डेल्टा या किसी भी वेरिएंट का परीक्षण किया जा सकेगी।

दरअसल, गुजरात में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल में लिए गए नमूनों के परिणाम जून के अंत में प्राप्त हो सके थे। इन नमूनों में डेल्टा वेरिएंट की पुष्टि हुई थी। वायरस के इस प्रकार के परीक्षण के लिए यहां सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इन नमूनों को परीक्षण के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे भेजा जाता था। अब सरकार ने गुजरात में ही कोरोना वायरस के वेरिएंट की जांच के लिए जीबीआरसी को विकसित किया है। जीबीआरसी हर महीने एक हजार सैंपल की जांच कर सकेगा। जीबीआरसी वैक्सीन विकसित करने के लिए गुजरात की दो कंपनियों हेस्टर बायोसाइंसेज और ओम्निब्रेक्स के साथ भी काम कर रही है। भारत बायोटेक कोवासिन वैक्सीन के निर्माण के लिए प्रौद्योगिकी साझा कर रहा है।