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एक साल में 10 हजार रुपये तक सस्ता हुआ सोना, निवेश बढ़ने की संभावना


नई दिल्ली, 25 सितंबर (हि.स.)। कोरोना संक्रमण पर काफी हद तक काबू हो जाने और दुनिया भर के अधिकांश देशों में आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौट जाने की वजह से स्टॉक मार्केट में तो तेजी का माहौल जरूर बना है लेकिन इस सकारात्मक स्थिति की वजह से सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक माहौल बन गया है। इसकी वजह से इन कीमती धातुओं पर मंदी का दबाव बन गया है। सोने की कीमत अपने ऑल टाइम हाई से करीब 10 हजार रुपये नीचे फिसल चुकी है। हालांकि इसी वजह से नए निवेशकों के लिए सर्राफा बाजार में सोना चांदी में निवेश का अच्छा मौका बनता हुआ नजर आ रहा है।

पिछले एक साल की अवधि में सोने की कीमत में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। कोरोना संक्रमण के पहले चरण के दौरान अगस्त 2020 में सोना 56,191 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया था। जैसे-जैसे कोरोना पर काबू पाया गया, वैसे वैसे सोने की कीमत भी गिरती चली गई। इसकी वजह से सोना मौजूदा महीने यानी सितंबर में 46 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक गिर चुका है।

कमोडिटी एक्सपोर्ट मयंक श्रीवास्तव के मुताबिक सोने की कीमत गिरने की एक बड़ी वजह कोरोना संक्रमण पर काबू पाना तो है ही, दूसरी बड़ी वजह डॉलर इंडेक्स का भी सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाना है। डॉलर इंडेक्स 1 महीने के हाई लेवल पर है। यूएस फेड ने भी समय से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने का संकेत दिया है। इन वजहों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर लगातार दबाव बना हुआ है।

श्रीवास्तव के मुताबिक पुराने समय से ही संकट काल के लिए सोना को निवेश का सबसे सुरक्षित माध्यम माना जाता रहा है। यही कारण है कि जब कोरोना संक्रमण के कारण दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ गई थीं, तब निवेशकों ने सोना को हाथों हाथ लिया था। अब जबकि इस महामारी का खतरा काफी कम हो गया है, तब निवेशक सोने में किए गए अपने निवेश से पैसा निकाल कर शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड जैसे निवेश के दूसरे आकर्षक माध्यमों में लगाने लगे हैं। इसकी वजह से सोने की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों ही कीमत में गिरावट का रुख बना है।

आने वाले त्योहारी सीजन के पहले सोने में आई गिरावट से नए निवेश की संभावनाएं बन गई हैं। सोना फिलहाल पिछले 6 हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच कर कारोबार कर रहा है। हालांकि सोने में अभी और गिरावट आने का दावा भी किया जा रहा है लेकिन ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि सर्राफा बाजार में निवेश करने के लिए अभी का समय सबसे सही समय है। त्योहारी सीजन के दौरान पारंपरिक तौर पर सोने की खरीद होने की वजह से सोने की कीमत में एक बार फिर तेजी का रुख बन सकता है। इसके साथ ही त्योहारी सीजन के साथ ही भारत में शादी ब्याह का लग्न भी शुरू हो जाएगा। इसकी वजह से बाजार में सोने चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग बढ़ेगी, जो आखिरकार सोने चांदी की कीमत में बढ़ोतरी की वजह बनेगी।