Sun. Oct 17th, 2021

बारिश के चलते विधानसभा की कार्यवाही तीन दिन के लिए स्थगित, स्कूल कॉलेज भी बंद


बारिश के साथ ही हैदराबाद सहित राज्य में कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा

उस्मानसागर से 480 और हिमायतसागर से 350 क्यूसेक पानी छोड़ा गया



हैदराबाद, 28 सितंबर (हि.स.)। राज्य में हैदराबाद सहित कई हिस्सों में अगले तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी के चलते राज्य विधानसभा का सत्र स्थगित कर दिया गया है। चक्रवात गुलाब के प्रकोप से तेलंगाना में कई क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।

राजधानी के अधिकांश इलाकों में सोमवार की रात से माध्यम से भारी बारिश हुई। माधोपुर सहित कई इलाकों में 10 से 15 मिली मीटर दर्ज की गई। तूफान गुलाब के प्रभाव से राज्य में कई स्थानों पर भारी बारिश के चलते मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने मंगलवार को राज्यभर के स्कूल और पाठशाला सहित सभी शैक्षणिक संस्थाओं के साथ सरकारी और निजी संस्थाओं में अवकाश की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय से कल देर रात जारी बयान में बताया गया कि राज्य के राजस्व, पुलिस, अग्नि शमन, नागरिक प्रशासन, पंचायती राज विभाग सहित आठ विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने बारिश को देखते हुए विधानसभा और विधान परिषद मानसून सत्र को तीन दिन के लिए स्थगित कर दिया है। अब दोनों सदनों की आगामी बैठक शुक्रवार 1 अक्टूबर को होगी। कल शाम विधानसभा और परिषद के सदस्यों ने अध्यक्षों से सदन की कार्रवाई कुछ दिन के लिए स्थगित करने का आग्रह किया था। इस पर विधानसभा अध्यक्ष पोसाराम श्रीनिवास रेड्डी और विधान परिषद सभापति गोपाल रेड्डी ने विभिन्न दलों के नेताओं से बातचीत कर सदन की कार्रवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले तीन दिन तक बारिश की आशंका जतायी है। अगले 24 घंटे के दौरान भद्राद्री, कोठागुडेम, खम्मम, आदिलाबाद, बोनागिरी, आशीर्वाद, मंचिर्याल, निर्मल, वरंगल, पेद्दापल्ली और करीमनगर जिलों में माध्यम से उच्च बारिश और बाढ़ की आशंका जताई है। भारी बारिश के बाद उस्मानसागर जलाशय के चार गेट खोल दिए गए हैं। इसके अलावा अन्य एक जलाशय हिमायत सागर के भी दो गेट खोल कर पानी छोड़ जा रहा है। हैदराबाद महानगर पेयजल आपूर्ति विकास बोर्ड ने एक बयान जारी कर बताया कि भारी वर्षा के चलते नगर के दोनों बड़े जलाशय का जलस्तर पूर्ण जल स्तर तक पहुंच चुका है। इसलिए उस्मान सागर से 480 क्यूसेक और हिमायत सागर से 350 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जल बोर्ड के प्रबंध निदेशक दाना किशोर ने नदी के आसपास निवास रहने वालों को सतर्क करने के भी निर्देश दिए हैं।

इस बीच नगरपालिका के महापौर विजयलक्ष्मी और नागरिक प्रशासन और शहरी विकास विभाग के विशेष मुख्य सचिव अरविंद कुमार ने गुलाब चक्रवात के प्रभाव के चलते नगर निगम के अधिकारियों को सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

महापौर ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि शहर के बारिश से तालाबों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की संभावना हो सकती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए अधिकारी सतर्क रहें और लोगों को प्रभावित होने से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने और बाढ़ पीड़ितों को पुनर्वास केंद्रों में पहुंचाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मोबाइल अन्नपूर्णा केंद्र स्थापित कर पीड़ितों को भोजन उपलब्ध करने का प्रबंध करने के साथ ही टूटे पेड़ों और बिजली के खंभों को हटाने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपाय करने के भी आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि निगम ने 195 मानसून आपातकालीन दल गठित किये हैं।