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कोरोना की आपदा नए निवेशकों के लिए बन गई अवसर


नई दिल्ली, 11 सितंबर (हि.स.)। कहते हैं कि आपदा बोलकर नहीं आती और जब आपदा आती है तो लोगों के लिए खुद को संभाल पाना मुश्किल हो जाता है। कोरोना के रूप में एक ऐसी ही आपदा पिछले साल शुरू हुई, जिसका असर अभी भी बना हुआ है। हालांकि इस कठिन समय में भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग सामने आए, जिन्होंने आपदा में भी अपने लिए अवसर की तलाश कर ली।

शेयर बाजार के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं, तो पता चलता है कि कोरोना संक्रमण काल में बड़ी संख्या में ऐसे निवेशक सामने आए, जो पहले शेयर बाजार से दूरी बनाए रखते थे। लॉकडाउन के दौरान घर पर बैठने और बेरोजगार होने के डर के बीच बड़ी संख्या में रिटेल निवेशकों ने शेयर बाजार में निवेश करना शुरू किया। अभी तक ऐसे निवेशकों की एप्लीकेशन की संख्या दोगुनी हो चुकी है।

स्टॉक मार्केट से मिली जानकारी के मुताबिक 2018-19 के दौरान हर आईपीओ में रिटेल निवेशकों की ओर से औसतन 6.13 लाख एप्लीकेशन आते थे। 2019-20 में रिटेल निवेशकों की औसत संख्या बढ़कर 6.88 लाख प्रति आईपीओ हो गई। कोरोना संक्रमण का भारत में जोर बढ़ने के बाद 2020-21 के दौरान रिटेल निवेशकों की औसत संख्या प्रति आईपीओ बढ़कर 12.73 लाख हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 में अप्रैल से लेकर अगस्त तक रिटेल निवेशकों की औसत संख्या प्रति आईपीओ 15.68 लाख हो गई।

एप्लीकेशन की संख्या के लिहाज से मौजूदा वित्त वर्ष में अभी तक तत्व चिंतन का आईपीओ टॉप पर रहा है। 500 करोड़ रुपये के इस आईपीओ के लिए 32.50 लाख से अधिक रिटेल एप्लीकेशन आए थे। इसी तरह 9,375 करोड़ रुपये के जोमैटो के इश्यू के लिए 32.14 लाख रिटेल एप्लीकेशन आए थे। इसी साल मार्च के महीने में आए एमटीएआर के आईपीओ के लिए कुल 25.87 लाख रिटेल एप्लीकेशन जमा हुए, जबकि सरकारी कंपनी मझगांव डॉक के 444 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए रिटेल इन्वेस्टर्स की ओर से 23.56 लाख एप्लीकेशन आए थे।

जानकारों का मानना है कि शेयर बाजार में जिस तरह से मजबूती आई है और छोटे निवेशकों का मुनाफा जिस तेजी से बढ़ा है, उससे नए निवेशक की रुचि भी शेयर बाजार में बढ़ गई है। बाजार की तेजी के कारण कुछ आईपीओ को छोड़कर ज्यादातर आईपीओ ने लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों की अच्छी कमाई कराई है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल आए 38 आईपीओ में से 34 आईपीओ अभी अपने इश्यू प्राइस से ऊपर चढ़कर कारोबार कर रहे हैं। इनमें से करीब 10 कंपनियों के शेयर तो इश्यू प्राइस से लगभग दोगुना भाव पर कारोबार कर रहे हैं। इसकी वजह से निवेशकों को अच्छा मुनाफा हुआ है। यही बात नए रिटेल निवेशकों को शेयर बाजार की ओर आकर्षित कर रही है।