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कैबिनेट ने सितंबर 2020 में पारित कृषि कानूनों को वापस लेने की दी मंजूरी


केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की बढ़ायी अवधि



नई दिल्ली, 24 नवम्बर (हि.स.)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2020 में पारित केंद्र के कृषि कानूनों को वापस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने यहां संवाददाता सम्मेलन में मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुये कहा कि कैबिनेट ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। संसद के आगामी सत्र में इन तीन कानूनों को वापस लेना हमारी प्राथमिकता होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 नवम्बर को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा की थी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में इन्हें निरस्त करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि को चार महीने और बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने यहां संवाददाता सम्मेलन में मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुये कहा कि कैबिनेट ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) को दिसंबर 2021 से मार्च 2022 तक चार महीने का विस्तार देने का फैसला किया है। इससे 80 करोड़ लोगों को अगले साल 31 मार्च तक मुफ्त राशन मिलता रहेगा। विस्तारित पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, खाद्य सुरक्षा योजना और अंत्योदय योजना से अलग होगी।

उन्होंने कहा कि पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरण के लिए 600 लाख मीट्रिक टन अनाज स्वीकृत किया गया है। अबतक कुल 2.6 लाख करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं।