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कैबिनेट : 23 हजार करोड़ का कोरोना पैकेज, भावी चुनौती से निपटने की होगी तैयारी


नई दिल्ली, 08 जुलाई (हि.स.)। केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर और ऐसी ही अन्य स्वास्थ्य चुनौती का सामना करने के लिए 23 हजार करोड़ रुपये के नए पैकेज की घोषणा की है जिसके तहत देश में निचले स्तर तक स्वास्थ्य आधारभूत ढांचे का विकास और विस्तार किया जाएगा।

नवगठित केंद्रीय मंत्रिमंडल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में कोरोना महामारी से जुड़ी भावी चुनौती से लड़ने की लिए रणनीति तैयार की गई।

नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मीडिया को बताया कि 23 हजार करोड़ के इस पैकेज में 15 हजार करोड़ रुपये केंद्र और 8 हजार करोड़ रुपये राज्य सरकार देगी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान पिछले वर्ष अप्रैल में 15 हजार करोड़ रुपये का पहला पैकेज जारी किया गया था। उस समय स्वास्थ्य आधारभूत ढांचा बहुत सीमित था तथा इस धनराशि के जरिए चिकित्सा सुविधाओं में बड़े स्तर पर विस्तार किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि आने वाले दिनों में कोरोना महामारी को लेकर कोई भयावह स्थिति पैदा होती है तो उसका मुकाबला कैसे किया जाए। दूसरी लहर के चरम बिंदु की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आगामी रणनीति बनाई जा रही है। इसके तहत सुनिश्चित किया जाएगा कि औषधियों और ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर कोई किल्लत पैदा ना हो।

इस रणनीति का कार्यान्वयन मोटे रूप से राज्य सरकारें करेंगी। नए पैकेज के तहत चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार जुलाई से अगले वर्ष मार्च तक 9 महीने के दौरान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 महीने की अवधि अधिकतम सीमा है। सरकार का प्रयास है कि यह कुछ ही महीनों में पूरी तरह से लागू हो जाए।

महामारी के अगले दौर में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर व्यक्त की जा रही चिंता के बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में बच्चों की चिकित्सा देखरेख के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे। आईसीयू में 20 प्रतिशत बिस्तर सुरक्षित होंगे।

उन्होंने कहा कि देश के 736 जिलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा तथा बच्चों की चिकित्सा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रयास यह है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंन्द्रों पर दो लाख 44 हजार बिस्तर तैयार किए जायें तथा सघन चिकित्सा कक्ष में 20 हजार बिस्तर तैयार हों। उन्होंने कहा कि सघन चिकित्सा कक्ष में बच्चों के लिए आरक्षित बिस्तरों का उपयोग अन्य मरीजों के उपयोग के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की किल्लत पैदा होने के मद्देनजर भविष्य में जिला स्तर पर 10 हजार लीटर का ऑक्सीजन भंडारण व्यवस्था करने की योजना है। साथ ही जिला अस्पतालों में दवाइयों की कमी ना हो इसके लिए एक करोड़ रुपये तक की दवाओं का बफर स्टॉक तैयार किया जाएगा।

सरकार ने महामारी के दौरान बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न चिकित्सा पाठ्यक्रमों के छात्रों की सेवाएं लेने की अनुमति के बारे में भी फैसला किया। साथ ही टेली मेडिसन और टेलीकंसल्टेशन संबंधी व्यवस्था भी नए पैकेज के तहत तैयार की जाएगी।