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बिलासपुर ब्रेल प्रेस को मिलेगा सर्वश्रेष्ठ ब्रेल प्रेस का राष्ट्रीय पुरस्कार


रायपुर, 22 नवंबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने दिव्यांगजनों को सशक्त करने के मामले में राज्य को तीन राष्ट्रीय पुरस्कार देने की घोषणा की है। इसमें छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के तिफरा स्थित एक मात्र ब्रेल प्रेस को उत्कृष्ट कार्य के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ ब्रेल प्रेस की श्रेणी में चुना गया है। दृष्टिबाधितों के पठन सामग्री तैयार कर उन्हें नई दृष्टि प्रदान करने में बिलासपुर ब्रेल प्रेस ने उत्कृष्ट कार्य किया है। ब्रेल प्रेस के कार्यों की सराहना अब केंद्रीय स्तर पर भी विशेष रूप से की जा रही है। केंद्रीय स्तर पर तीन दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

बिलासपुर स्थित ब्रेल प्रेस राज्य का पहला और इकलौता ब्रेल प्रेस यूनिट है। इसकी स्थापना जनवरी 1985 में दृष्टिहीनों को ब्रेललिपि में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए हुई। वर्ष 2014 में प्रेस का आधुनिकीकरण हुआ। यहां दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए पहली से बारहवीं तक पाठ्यपुस्तक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें मुद्रित कर शासकीय और अशासकीय संस्थाओं को प्रदान की जाती हैं।

लोकसभा और विधानसभा चुनाव में ब्रेल प्रेस बिलासपुर ने बहुत कम समय में दृष्टिबाधित निःशक्तजनों के लिए इवीएम मशीन में पहचान को लेकर ब्रेल स्टीकर, इपिक कार्ड तैयार किए। इसके साथ ही यहां दृष्टिबाधित दिव्यांगों के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय पुस्तकों के अलावा निःशक्तजन अधिकार अधिनियम-2016, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, स्वच्छता एक अहसास, पंचतंत्र की कहानियां, जातक कहानियां, हितोपदेश, आरती संग्रह, हिन्दी और अंग्रेजी की पठन सामग्री की छपाई की गई है।

यूनिट प्रभारी प्रशांत मोकासे ने बताया कि ब्रेल प्रेस में 10 नियमित और आठ अस्थाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें से पांच दृष्टिबाधित और एक कर्मचारी मूकबधिर है, जो किताबों की बाईंडिंग करते हैं। ब्रेल प्रेस के उपनियंत्रक आरके पाठक भी दृष्टिबाधित हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों के परफार्मेंस के आधार पर ब्रेल प्रेस का चयन देशभर की ब्रेल प्रेस में से नेशनल अवार्ड के लिए किया गया है। ब्रेल प्रेस बिलासपुर में वर्ष 2017-18 में 10,974, वर्ष 2018-19 में 12,415 और वर्ष 2019-20 में 13,207 पुस्तकों का विक्रय किया है।