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मंजीत सिंह के जदयू में शामिल होने पर भाजपा की तल्ख टिप्पणी


पटना, 10 जुलाई (हि.स.)।बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में निर्दलीय खड़ा होकर बैकुंठपुर विधानसभा सीट पर भाजपा के सीटिंग विधायक को हरवाने वाले मंजीत सिंह को जदयू में शामिल कराने और उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाने पर भाजपा ने तल्ख टिप्पणी की है।

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मिथलेश तिवारी ने शनिवार को यहां कहा कि मंजीत सिंह कहते हैं कि नीतीश उनके सियासी पिता हैं। अब लग रहा है कि मंजीत को उनके सियासी पिता ने बड़ा काम करने का इनाम दे दिया है। मिथलेश तिवारी बोले- उन्हें तो गाना याद आ रहा है- अच्छा सिला दिया तुने मेरे प्यार का।

मिथलेश तिवारी ने आगे कहा कि लोग कह रहे हैं कि मंजीत सिंह खुद को नीतीश कुमार का राजनीतिक पुत्र बताते हैं। जब पुत्र बड़ा काम करता है तो पिता उसे इनाम देता है। मंजीत सिंह ने जो बड़ा काम किया था उसका आज उन्हें इनाम दे दिया गया, उन्हें जदयू में शामिल करवाकर उपाध्यक्ष बना दिया गया।

मिथलेश तिवारी ने कहा कि जदयू कैसा गठबंधन धर्म निभा रहा है ये वही समझे। पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू के जिन बागी उम्मीदवारों ने भाजपा के सीटिंग विधायकों को हरवाया था उन्हें जदयू में शामिल करा कर पुरस्कार दिया जा रहा है। भभुआ से भाजपा की सीटिंग विधायक रिंकी रानी पांडेय को जदयू के बागी प्रमोद सिन्हा ने हरवाया। उन्हें फिर से जदयू में शामिल करा लिया गया। गोह से भाजपा के सीटिंग विधायक मनोज शर्मा को बागी उम्मीदवार रणविजय सिंह ने हरवाया। उन्हें भी जदयू में शामिल कर पुरस्कृत किया गया औऱ अब मंजीत सिंह को पुरस्कार दिया गया है।

मिथलेश तिवारी ने कहा कि उन्हें जदयू से उम्मीद थी कि वह भी भाजपा की तरह गठबंधन धर्म निभायेगा। जिस तरीके से भाजपा ने तय किया है कि जिन बागियों के कारण विधानसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों की हार हुई उन्हें फिर से पार्टी में शामिल नहीं किया जायेगा। भाजपा राजनीतिक मानदंडों का पालन कर रही है।

उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव में मंजीत सिंह के कारण मिथलेश तिवारी की ही हार हुई थी। मिथलेश तिवारी बैकुंठपुर विधानसभा सीट से सीटिंग विधायक थे। मंजीत ने निर्दलीय उम्मीदवार बनकर इतने वोट पाये जिससे मिथलेश तिवारी हार गये। आज जदयू ने मंजीत सिंह को फिर से पार्टी में शामिल कराया और उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाने का एलान भी कर दिया। मंजीत सिंह को जदयू में शामिल कराने के लिए ललन सिंह खुद प्रदेश कार्यालय में मौजूद थे।