Tue. Sep 21st, 2021

बिहार को पसंद आई हरियाणा की ‘डायल-112’


पड़ोसी राज्य के पुलिस अधिकारियों ने प्रोजेक्ट का किया अध्ययन

अब हरियाणा तर्ज पर बिहार में लागू होगी 112 योजना

पंजाब व राजस्थान भी लागू कर चुके हैं हरियाणा की कई पॉलिसी



चंडीगढ़, 02 सितम्बर (हि.स.)। हरियाणा की अन्य योजनाओं की तरह हालही में शुरू हुई डायल 112 योजना पड़ोसी राज्य बिहार को पसंद आ गई है। बिहार पुलिस के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय पहुंच कर हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार अग्रवाल से शिष्टाचार भेंट की।

इससे पहले हरियाणा सरकार द्वारा लागू की गई ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी समेत कई परियोजनाएं पड़ोसी राज्यों को पसंद आ चुकी हैं। पंजाब व राजस्थान हरियाणा की कई नीतियों को लागू कर चुके हैं। हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की स्वामित्व योजना को तो देशभर में लागू किया जा रहा है। इसी के चलते गुरुवार को बिहार के प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम आलोक राज के नेतृत्व में हरियाणा में शुरू की गई चौबीस घंटे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) का अध्ययन करने के लिए प्रदेश का दौरा किया।

प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य हरियाणा 112 परियोजना के सफल शुभारंभ की प्रक्रिया को सीखते हुए अपने राज्य में भी इसी तरह की एक उन्नत परियोजना को बेहतर रणनीति के माध्यम से लागू करना था।

बैठक के दौरान डीजीपी पी.के. अग्रवाल ने उन्हें 24 घंटे पुलिस सहायता से नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में हरियाणा पुलिस की ऐतिहासिक पहल से अवगत कराया। ‘हरियाणा-112‘ को नागरिकों की सेवा में गेम चेंजर बताते हुए उन्होंने कहा कि अब आपात स्थिति में पुलिस और भी तेजी से घटनास्थल पर पहुंचते हुए बिना किसी देरी के जरूरतमंद नागरिकों को हर संभव मदद पहुंचा रही है। इस सेवा के माध्यम से न केवल अपराध से संबंधित मामलों में सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि विविध संकट कॉलों का जवाब देते हुए पुलिस मानवता की सेवा भी कर रही है।

अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल से बिहार राज्य में 112 परियोजना की प्रगति स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल को अपनी प्रस्तुति देते हुए एडीजीपी दूरसंचार और आईटी हरियाणा ए. एस. चावला, जो हरियाणा 112 परियोजना के नोडल अधिकारी भी हैं, ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने स्टेट इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर में कर्मचारियों के लिए अलग से प्रशिक्षण सुविधा बनाई गई हैं। ईआरएसएस में केवल कॉल रिसीविंग वर्कफोर्स को आउटसोर्स किया गया है तथा शेष स्टाफ हरियाणा पुलिस से है।

उन्होंने कहा कि 112 परियोजना में प्रतिनियुक्त कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर अत्यधिक बल देते हुए इसके सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य भर में 600 से अधिक पुलिस आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन (ईआरवी) प्रदान किए गए हैं।

हरियाणा 112 सेवा एक सराहनीय पहल-

बिहार से आए प्रतिनिधिमंडल ने ’’हरियाणा 112’’ परियोजना के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचे और तकनीकी विकास से प्रभावित होकर राज्य में इसके सफल कार्यान्वयन की भी सराहना की। इस अवसर पर एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) हरियाणा नवदीप सिंह विर्क, एडीजीपी मुख्यालय श्रीमती कला रामचंद्रन, आईजीपी प्रशासन संजय कुमार, एसपी ईआरएसएस उदय सिंह मीणा, एडीजीपी, वायरलेस और तकनीकी सेवाएं, बिहार ए.के. अम्बेडकर, कमांडेंट फायर सर्विसेज बिहार गौरव मंगला सहित बिहार से आए अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।