Wed. Sep 22nd, 2021

रूस के ऑरेनबर्ग में शुरू हुआ एससीओ देशों के बीच अभ्यास शांतिपूर्ण मिशन


एससीओ सदस्य देशों की सैन्य टुकड़ियों की क्षमताओं को बढ़ाना है अभ्यास का मकसद

 सैन्य कूटनीति के हिस्से के रूप में दो साल में एक बार होता है अभ्यास शांतिपूर्ण मिशन



नई दिल्ली, 15 सितम्बर (हि.स.)। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के बीच सैन्य कूटनीति के हिस्से के रूप में होने वाले द्विवार्षिक अभ्यास शांतिपूर्ण मिशन में भारतीय सैन्य दल भी हिस्सा ले रहा है। अभ्यास का छठा संस्करण रूस के ऑरेनबर्ग में 13 सितम्बर से शुरू हुआ है जो 25 सितम्बर तक चलेगा। इस अभ्यास का उद्देश्य एससीओ सदस्य देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देने के साथ ही बहुराष्ट्रीय सैन्य टुकड़ियों की क्षमताओं को बढ़ाना है।

अभ्यास शांतिपूर्ण मिशन के छठे संस्करण की मेजबानी रूस कर रहा है जो दक्षिण पश्चिम रूस के ऑरेनबर्ग क्षेत्र में 13 से 25 सितंबर 2021 तक किया जा रहा है। भारतीय सैन्य दल भी इस अभ्यास एससीओ शांतिपूर्ण मिशन के छठे संस्करण में भाग ले रहा है। यह संयुक्त आतंकवाद विरोधी बहुपक्षीय अभ्यास शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के बीच सैन्य कूटनीति के हिस्से के रूप में दो साल में एक बार आयोजित किया जाता है। अभ्यास का उद्देश्य एससीओ सदस्य राज्यों के बीच घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देना और बहुराष्ट्रीय सैन्य टुकड़ियों की क्षमताओं को बढ़ाना देना है। भारतीय सैन्य दल में हथियारों के संयुक्त बल के साथ 200 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं जिनमें वायु सेना के 38 कर्मी भी हैं। भारतीय दल को दो आईएल-76 विमानों के जरिये अभ्यास क्षेत्र में ले जाया गया है।

रूस जाने से पहले इस दस्ते ने दक्षिण पश्चिमी कमान के तत्वावधान में प्रशिक्षण और तैयारी की। यह अभ्यास एससीओ देशों के सशस्त्र बलों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में सक्षम होगा। यह अभ्यास एससीओ राष्ट्रों के सशस्त्र बलों को बहुराष्ट्रीय और संयुक्त वातावरण में शहरी परिदृश्य में आतंकवाद-रोधी अभियानों में प्रशिक्षित करने का अवसर भी प्रदान करेगा। अभ्यास के दायरे में पेशेवर बातचीत, अभ्यास और प्रक्रियाओं की आपसी समझ, संयुक्त कमान और नियंत्रण संरचनाओं की स्थापना और आतंकवादी खतरों का उन्मूलन शामिल है। शांतिपूर्ण मिशन 2021 का अभ्यास आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सैन्य बातचीत और वैश्विक सहयोग में एक ऐतिहासिक घटना है।