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कुशीनगर एयरपाेर्ट पर लगेगा हाई वर्जन आईएलएस सिस्टम, विमान की लैंडिंग हाेगी सुरक्षित


राज्य सरकार से की 30 एकड़ जमीन की डिमांड



कुशीनगर, 31 अगस्त(हि.स.)। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपाेर्ट पर जहाजों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए हाई वर्जन आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) लगेगा। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने राज्य सरकार से रन वे की इंड साइड पर 34 एकड़ जमीन की डिमांड की है। जिला प्रशासन ने इस दिशा में कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

इस सिस्टम के लगने से जहाज 500-600 मीटर विजीविलिटी में भी आसानी से लैंड कर सकेंगे। इस सिस्टम को लगाने को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी व राज्य सरकार के बीच वार्ता चल रही है। ऑपरेशनल एरिया में डाॅप्लर वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज यानी डीवीओआर भी लगाई जाएगी। इन दाेनाें मशीन लग जाने से लैंडिंग प्राेसेस में पायलट काे मदद मिलेगी। दोनों सिस्टम के लगने से जहाज के पायलट को 600 किमी ऊंचाई से ही सिंग्नल मिलना शुरू हो जाएगा।

तहसील प्रशासन ने 12.1297 हेक्टेयर डिमांड के सापेक्ष फर्स्ट पार्ट में 6.269 हे. जमीन खरीद ली है, जिसका भुगतान 12.15 करोड़ कर दिया गया है। सेकेंड पार्ट 2.386 हे. जमीन खरीद ली गई है। 42 किसानों से आबादी की भूमि 0.4127 हे. ली गई है। भलुही व शाहपुर गांव में 0.497 हे. जमीन खरीद की गई है। शेष 2.563 हे. जमीन खरीद की प्रक्रिया चल रही है। नरायनपुर, खोराबार, बेलवा दुर्गाराय, भलुही मदारीपट्टी, नकहनी व परसहवा गांव के किसान प्रभावित हो रहे हैं।

125 किसानों की 2.53 हेक्टेयर जमीन शेष है

इस सम्बंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पूर्ण बोरा ने बताया कि डिमांड के अनुसार जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। अधिग्रहण की प्रक्रिया में 88 लोग हैं, जिनका भवन एयरपोर्ट की जद में आ रहा है। इस पर मुआवजे आदि का निर्णय सरकार को करना है।