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आभूषण विक्रेताओं ने केरल सरकार के सीसीटीवी से निगरानी के आदेश पर जताया ऐतराज


नई दिल्ली, 08 सितंबर (हि.स.)। ज्वैलरी कारोबार के शीर्ष संगठन ऑल इंडिया ज्वैलर्स एवं गोल्डस्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने केरल सरकार द्वारा स्वर्ण आभूषण विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों के अंदर सीसीटीवी कैमरा लगाकर उनका कंट्रोल जीएसटी एवं अन्य विभागों से करने के आदेश पर कड़ा ऐतराज जताया है।

एआईजेजीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बुधवार को कहा कि स्वर्ण आभूषण विक्रेताओं के यहां सीसीटीवी कैमरा लगाकर उनका कंट्रोल लिंक जीएसटी एवं अन्य विभागों के साथ जोड़ने के राज्य सरकार के आदेश से संबंधित खबरें आज कुछ समाचार पत्रों में छपी है। उन्होंने कहा कि केरल सरकार के इस आदेश का एआईजेजीएफ विरोध करती है।

पंकज अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार के इस तरह के निर्णय से व्यापार की निजता का हनन होता है। इसके साथ ही इस तरह दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर उसका कंट्रोल सरकारी तंत्र के जरिए करना भारत सरकार के आसानी से व्यापार करने के उद्देश्य (इज ऑफ डूइंग बिजनेस ) का भी हनन होता है।

उन्होंने कहा कि ऐसा निर्णय किसी व्यापार की प्रति अजादी के बाद से कभी नहीं लिया गया, जो निश्चित रूप से व्यापार की गोपनीयता को भंग करना है। अरोरा ने कहा कि व्यापार की इस तरीके से निगरानी, सूचना एकत्र करने, प्रभावित करने, प्रबंधित करने या निर्देशित करना किसी भी तरह से उचित नहीं है। इस तरह की निगरानी का उपयोग सरकार के द्वारा करना लोगों की निजता का उल्लंघन के साथ-साथ आम नागरिक को मिले स्वतंत्रता के अधिकारों का भी उल्लंघन है।

एआईजेजीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हम सरकार की इस दमनकारी नीति की घोर आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि आशा है कि विषय की गंभीरता को समझते हुए केरल सरकार ऐसे अनुचित आदेशों को वापस लेगी। अरोरा ने कहा कि एआईजेजीएफ शीघ्र ही राष्ट्रपति, केरल के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा लोकसभा अध्यक्ष आदि को इस पत्र लिखकर इससे अवगत कराएंगा। इसके साथ ही इनसभी से यथासंभव मुलाकात का समय लेकर इस तरह के दमनकारी, अन्याय पूर्ण और अनैतिक आदेश को वापस कराने का प्रयास करेगा।