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आईआरएस शशांक यादव भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की गिरफ्त में


कोटा, 17 जुलाई(हि.स.)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, कोटा की टीम ने शनिवार सुबह गाजीपुर, उत्तरप्रदेश की अफीम फैक्ट्री के महाप्रबंधक एवं आईआरएस डॉ. शशांक यादव की गाड़ी से मिठाई के डिब्बे में 15 लाख व पर्स में 1,32,410 रुपये सहित कुल 16.32 लाख रुपये जब्त किए। यादव के पास नीमच मध्यप्रदेश की अफीम फैक्ट्री का चार्ज भी है। वे नीमच से किसानों से वसूली कर गाजीपुर जा रहे थे लेकिन सूचना मिलने पर एसीबी, कोटा की टीम ने उदयपुर-कोटा रोड के हैंगिंग ब्रिज टोल नाके पर शनिवार सुबह 10:35 बजे उनकी गाडी से राशि जब्त कर ली।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील कुमार ने बताया कि अफीम फैक्ट्री नीमच में राजस्थान व मध्यप्रदेश के लाइसेंस धारक अफीम काश्तकारों की अफीम जमा की जाती है। इन दिनों फैक्ट्री में अफीम के सैम्पलों की जांच की जा रही है। जिसके बाद अफीम की गाढ़ता व मारफीन प्रतिशत के आधार पर काश्तकारों को भुगतान किया जाता है। इसी आधार पर नारकोटिक्स विभाग काश्तकारों को अफीम खेती के 6,10 व 12 आरी के पट्टे जारी करता है।

भारतीय रेवेन्यू सेवा के अधिकारी डॉ शशांक यादव द्वारा नीमच में कार्यरत कर्मचारी अजीत सिंह व दीपक यादव के मार्फत दलालों के जरिये अफीम की गाढता व मारफीन प्रतिशत ज्यादा बताकर 10 व 12 आरी के पट्टा दिलवाने के लिये प्रत्येक किसान से 60 से 80 हजार रुपये वसूली की जा रही थी। ये किसान कोटा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ व झालावाड़ जिले के थे। जो किसान रिश्वत नहीं देते उनकी अफीम में गाढता व मारफीन प्रतिशत कम कर देते थे।

6 हजार किसानों से 30 करोड़ एडवांस वसूले

एसीबी को प्राप्त जानकारी के अनुसार, अफीम लैब के अजीत सिंह व कोडिंग टीम के दीपक यादव दलाल के मार्फत 6 हजार से अधिक किसानों पट्टे दिलाने के नाम पर 30 से 36 करोड़ रुपये एडवांस वसूल चुके हैं। जबकि 40 हजार से अधिक किसानों की अफीम की जांच अभी बाकी है। शशांक यादव नीमच आए हुए थे और अपनी स्कार्पियों कार में 15 लाख रुपये से अधिक राशि मिठाई के डिब्बे में छिपाकर ले जा रहे थे।

सूचना की तहकीकात करने के बाद एसीबी टीम में पुलिस निरीक्षक अजीत बगडोलिया, उप पुलिस अधीक्षक हर्षराज सिंह, पुलिस निरीक्षक नरेश चौहान व अन्य सदस्यों ने हैंगिंग ब्रिज टोल नाके पर आकस्मिक चैकिंग कर आरोपी अधिकारी यादव की कार से 16.32 लाख रुपये की राशि जब्त कर ली। एसीबी राजस्थान के महानिदेशक बीएल सोनी, अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एन.एम. व उपमहानिरीक्षक सवाईसिंह गोदारा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिशनाराम विश्नोई ने भ्रष्ट अधिकारी को पकड़ने पर एसीबी, कोटा की टीम को बधाई दी है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही आईआरएस शशांक यादव को पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है।