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गहलोत मंत्रिमंडल में 11 कैबिनेट और 4 नए राज्यमंत्री शपथ लेंगे, पायलट खेमे से 4 मंत्री-3 राज्यमंत्री


जयपुर, 21 नवंबर (हि.स.)। गहलोत कैबिनेट में रविवार को (आज) 11 कैबिनेट और 4 नए राज्यमंत्री शपथ लेंगे। शाम 4 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा। इससे पहले गहलोत कैबिनेट के सभी मंत्रियों के इस्तीफे लिए गए, जिनमें से रघु शर्मा, हरीश चौधरी, गोविंद सिंह डोटासरा के इस्तीफे मंजूर किए गए। नए मंत्रियों के नाम तय हो गए हैं। विश्वेंद्र सिंह के अलावा पायलट खेमे से 4 मंत्री बनेंगे। तीन राज्य मंत्रियों को प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया जा रहा है। गहलाेत कैबिनेट में अब 29 मंत्री हो गए हैं, अब सीएम सहित 30 का कोटा पूरा हो गया है, एक भी जगह खाली नहीं है।

11 कैबिनेट मंत्रियों में हेमाराम चौधरी, महेंद्रजीत सिंह मालवीय, रामलाल जाट, महेश जोशी, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, ममता भूपेश, भजनलाल जाटव, टीकाराम जूली, गोविंद मेघवाल, शकुंतला रावत के नाम शामिल है। जबकि, चार राज्यमंत्रियों में जाहिदा, बृजेंद्र ओला, राजेंद्र गुढा और मुरारीलाल मीणा शामिल है।

संगठन में पद वाले केवल तीन मंत्रियों को ही ड्रॉप किया है। रविवार को शाम 4 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। रविवार दोपहर 2 बजे सभी मंत्रियों को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर बुलाया गया है, वहां से सभी राजभवन जाएंगे। मंत्री बनने वाले नए विधायकों को शनिवार रात ही फोन करके सूचना दे दी है। शनिवार शाम को सीएम निवास पर हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी मंत्रियों से इस्तीफे लिए गए। जिन मंत्रियों को हटाया है, केवल उन्हीं 3 के इस्तीफे स्वीकार किए गए है, बाकी सभी नए मंत्रिमंडल में भी शामिल रहेंगे।

मंत्रियों के विभागों में भारी फेरबदल होना तय माना जा रहा है। कुछ मंत्रियों को छोड़ ज्यादातर के विभाग बदले जाएंगे। मंत्रियों के विभाग भी कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर ही तय होकर आए हैं, जिनके बारे में फैसला शपथ ग्रहण समारोह के बाद होगा।

गोविंद सिंह डोटासरा, हरीश चौधरी और रघु शर्मा की जगह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी जा रही है। दो जाट और एक ब्राह्मण चेहरे को मौका दिया जा रहा है। डोटासरा और हरीश चौधरी की जगह जाट चेहरों के तौर पर रामलाल जाट, बृजेंद्र सिंह ओला, हेमाराम चौधरी को मौका दिया जाएगा। रघु शर्मा की जगह महेश जोशी मंत्री बनेंगे। हेमाराम, रामलाल जाट और ओला पहले भी गहलोत के साथ मंत्री रह चुके हैं। महेश जोशी गहलोत के बहुत नजदीक माने जाते हैं और अभी सरकार के मुख्य सचेतक हैं।

बसपा से कांग्रेस में आने वालों में राजेंद्र सिंह गुढ़ा काे राज्य मंत्री बनाया जा रहा है। बसपा से कांग्रेस में शामिल होने वाले सभी छह विधायक ही दावेदारी कर रहे थे, लेकिन बाकी पांच को सीएम का सलाहकार या संसदीय सचिव बनाकर संतुष्ट किया जाएगा। मास्टर भंवरलाल मेघवाल के निधन के बाद गहलोत सरकार में कोई दलित कैबिनेट मंत्री नहीं था। मास्टर भंवरलाल मेघवाल की जगह गोविंद मेघवाल को कैबिनेट मंत्री बनाया जा रहा है। तीन दलित राज्य मंत्रियों को प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया जा रहा है। गोविंद मेघवाल वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में संसदीय सचिव रह चुके हैं, बाद में वे बीजेपी छोड़ कांग्रेस में आ गए थे।

आदिवासी चेहरों के तौर पर महेंद्रजीत मालवीय को मंत्री बनाया जाएगा। मालवीय पहले भी मंत्री रह चुके हैं। मालवीय की पत्नी जिला प्रमुख हैं। अल्पसंख्यक वर्ग से जाहिदा को राज्य मंत्री बनाया जा रहा है। गुर्जर चेहरे के तौर पर शकुंतला रावत को कैबिनेट मंत्री के रूप में जगह दी जा रही है। जाहिदा खान पहले संसदीय सचिव रह चुकी हैं। सचिन पायलट कैंप से विश्वेंद्र सिंह को छोड़ 4 मंत्री बन रहे हैं। बगावत के समय बर्खास्त किए गए रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह को फिर से कैबिनेट मंत्री बनाया जा रहा है। हेमाराम चौधरी भी कैबनेट मंत्री बनेंगे। बृजेंद्र सिंह ओला को राज्य मंत्री बनाया जा रहा है।

फेरबदल के बाद भी 13 जिलों से कोई मंत्री नहीं

फेरबदल के बाद भी गहलोत सरकार में 13 जिलों से फिलहाल कोई मंत्री नहीं रहेगा। इनमें अजमेर, नागौर, जोधपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, सिरोही, धौलपुर, टोंक, सवाई माधोपुर जिलों से फेरबदल बाद भी मंत्री नहीं होगा। क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिहाज से इसे कमी माना जा रहा है। कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले नागौर, सीकर से कोई मंत्री नहीं है। नहरी क्षेत्र के दो जिले भी खाली हैं।