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हिसार : ऑनलाइन परीक्षा में परीक्षार्थियों को आ रही परेशानियों पर हुई चर्चा


गुजवि प्रशासन ने की महाविद्यालयों के प्राचार्यों व उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक
हिसार, 17 फरवरी (हि.स.)। ऑनलाइन परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को आ रही परेशानियों व अन्य समस्याएं जानने के लिए गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार के कुलसचिव प्रो. अवनीश वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों व उनके प्रतिनिधियों से बैठक हुई है। बैठक में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. हरभजन बंसल, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. संदीप राणा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. यशपाल सिंगला भी मौजूद रहे।
परीक्षार्थियों की मुख्य समस्या हल किए जाने के बाद पेपर अपलोड करने की थी। बैठक में आए सुझावों के आधार पर इस संबंध में परीक्षा संचालन करवा रही संबंधित कम्पनी से बात की गई। कंपनी परीक्षार्थियों को वैकल्पिक आईडी देने पर सहमत हो गई।
कुलसचिव प्रो. अवनीश वर्मा ने बताया कि यदि पहले से दी गई आईडी पर परीक्षार्थी निर्धारित समयावधि में अपने हल किए हुए प्रश्न पत्र अपलोड नहीं कर पाता है, तो वह वैकल्पिक आईडी पर प्रश्न अपलोड कर सकता है। वैकल्पिक आईडी तैयार हो चुकी है और इसे संबंधित महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के सूचनार्थ जारी कर दिया गया है।
कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से परीक्षा करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों को परीक्षा देने के दौरान किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। किसी भी समस्या की जानकारी मिलने पर उनका तुरंत हल करने का प्रयास किया जाता है।
बैठक में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. हरभजन बंसल, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. संदीप राणा व परीक्षा नियंत्रक प्रो.यशपाल सिंगला ने भी अपने सुझाव दिए। परीक्षा नियंत्रक ने व्हीबॉक्स संरक्षित परीक्षा की विशेषताओं के बारे में भी बताया। विश्वविद्यालय व्हीबॉक्स संरक्षित ऑनलाइन परीक्षा संचालन कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह परीक्षा व्यवस्था एक सुरक्षित व सुविधाजनक परीक्षा संचालन व्यवस्था प्रदान करती है। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर निगरानी व नियंत्रण रखा जाता है। परीक्षार्थी बहुकारक प्रमाणीकरण का प्रयोग करके इम्प्रसोनेशन के जोखिम से बच सकते हैं। इस व्यवस्था के तहत परीक्षार्थी की पूर्ण निगरानी रखी जाती है तथा परीक्षा के समय होने वाले किसी अतिरिक्त शोर का भी पता लगाया जा सकता है। इस व्यवस्था के माध्यम से किसी भी डिवाइस जैसे मोबाइल, लेपटॉप, डेस्कटॉप या टेबलेट आदि पर वन एमबीपीएस की न्यूनतम बैंड विडथ के साथ परीक्षा दी जा सकती है। परीक्षार्थी के पास कंपनी द्वारा सुझाए गए स्पेसिफिकेशन वाला एक लैपटॉप या स्मार्टफोन का होना आवश्यक है।