Sun. May 22nd, 2022

हनी ट्रैप में फंसा वायुसेना का जवान, आईएसआई की ‘जासूसी’ करने में गिरफ्तार


– भारत में राडार के तैनाती के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया गया

-कानपुर निवासी इस जवान की पत्नी के बैंक खाते में कुछ संदिग्ध लेन-देन भी मिले

नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को संवेदनशील जानकारियां भेजकर जासूसी करने की आशंका में भारतीय वायुसेना के एक जवान को गिरफ्तार किया गया है। फेसबुक के जरिये हनी ट्रैप में फंसे इस वायु सैनिक से उच्च अधिकारियों और राडार के तैनाती स्थानों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया गया है। कानपुर के निवासी इस जवान की पत्नी के बैंक खाते में कुछ संदिग्ध लेन-देन भी मिले हैं। वायु सेना की ओर से इस बारे में अभी तक कोई अधिकृत जानकारी नहीं मिली है।

दिल्ली पुलिस को 6 मई को खुफिया एजेंसी का इनपुट मिला था कि भारतीय वायुसेना का जवान देवेंद्र शर्मा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा है। उसे फेसबुक पर महिला प्रोफाइल वाले एकाउंट से हनी ट्रैप में फंसाया गया और इसके बाद भारत के बारे में संवेदनशील जानकारी जुटाने की कोशिश की गई। दिल्ली पुलिस ने इस खुफिया इनपुट के आधार पर जांच-पड़ताल शुरू की और कानपुर निवासी देवेंद्र शर्मा पर निगरानी रखी।

इस बीच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को इस पूरे मामले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने के संकेत मिले हैं। आशंका है कि देवेंद्र शर्मा को हनी ट्रैप के जाल में फंसा कर उससे भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। इसके बाद महिला ने देवेन्द्र शर्मा से भारतीय वायु सेना के राडार की स्थिति और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की पोस्टिंग और विवरण जैसी संवेदनशील जानकारी निकालना शुरू कर दिया। जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस को जवान की पत्नी के बैंक खाते में कुछ संदिग्ध लेनदेन भी मिले हैं।

क्राइम ब्रांच ने आज सुबह वायु सेना के देवेंद्र शर्मा को धौला कुआं से गिरफ्तार कर लिया गया। उसने माना है कि फेसबुक पर उसकी एक अनजान महिला प्रोफाइल से दोस्ती हो गई थी, जिसके बाद उसे फोन सेक्स के जरिए जाल में फंसाया गया और फिर उनसे संवेदनशील जानकारियां जुटाने को कहा गया। यह महिला भारतीय मोबाइल कंपनी के नंबर से देवेंद्र शर्मा से बात करती थी। फिलहाल पुलिस महिला का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इस पूरे काम में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने का अंदेशा है।