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सुखाड़ से निपटने के लिए बिजली और सिंचाई व्यवस्था करें दुरूस्त


बांका, 05 अगस्त (हि.स.)। पथ निर्माण विभाग के सचिव सह जिला प्रभारी सचिव डॉ संदीप कुमार आर पुडकलकटटी ने समाहरणालय स्थिति मिनी सभागार में अधिकारियों के साथ एक बैठक कर आज बांका में सुखाड़ से निपटने की तैयारियों से संबंधित प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मौजूद विद्युत अधीक्षण अभियंता भागलपुर के द्वारा बताया गया कि बांका जिले में कुल 24 एग्रीकल्चरल डेडीकेटेड फीडर है। जिनमें विभाग के निर्देशानुसार किसानों को निर्बाध 16 घंटे प्रतिदिन बिजली आपूर्ति देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मौके पर सचिव ने सभी डेडीकेटेड एग्रीकल्चर फीडरों से 16 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। कहा कि यदि डेडीकेटेड एग्रीकल्चरल फीडर में किसी भी तरह की गड़बड़ी होती है या ट्रांसफार्मर जल जाता है तो उसको तुरंत बदलने अथवा मरम्मत कराने का कार्य कम से कम समय में पूरा करें।

कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई प्रमंडल, बांका के द्वारा बताया गया कि जिले में कुल 11 राजकीय नलकूप है, जिसमें से 3 राजकीय नलकूप खराब है। इन तीनों नलकूपों को जल्द से जल्द मरम्मत करने का निर्देश दिया गया है। राजकीय नलकूपों से सिंचाई से जिले के अंतर्गत अब तक कुल 12.09 हेक्टेयर धान की रोपनी की गयी है। वर्तमान में सूखे को देखते हुए जलाशयों से प्रतिदिन 500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, परंतु अत्यधिक सूखा होने के कारण नहरों में पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है।

मामले में संबंधित अंचल के सीओ व पुलिस के माध्यम से अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। डीएओ के द्वारा बताया गया कि यदि 1 सप्ताह के अंदर पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो जिले में वैकल्पिक फसल योजना पर ही निर्भर होना पड़ेगा। जिसके अंतर्गत उड़द, कुल्थी, अरहर, मसूर एवं चना इत्यादि की खेती की जा सकती है। अब तक कुल 351 डीजल अनुदान के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो काफी कम आवेदन है।

सचिव ने कैंप लगाकर अधिक से अधिक किसानों को डीजल अनुदान का लाभ देने का निर्देश दिया। इसके अलावा सचिव ने जहां भूजल का स्तर सामान्य से काफी नीचे चला गया है, वहां पशुओं तथा मानव आबादी के लिए पेयजल की व्यवस्था टैंकर के माध्यम से सुनिश्चित करानेका निर्देश दिया। डीडीसी ने बताया गया कि जिला में सुखाड़ के दृष्टिगत मनरेगा योजना के अंतर्गत आजादी के 75 वी वर्षगांठ के अवसर पर मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के क्रम में जिले में 75 अमृत सरोवर का निर्माण कराया जा रहा है, जहां गरीब एवं बेरोजगार लोगों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। उनके द्वारा रोजगार सृजन एवं जल संचय से संबंधित योजनाओं पर विशेष रुप से ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।

इसके पूर्व सचिव ने ओढनी जलाशय का निरीक्षण किया। वहां उपस्थित कार्यपालक अभियंता, सिंचाई प्रमंडल, बांका को निर्देश दिया गया कि वह जलाशय के जलस्तर का नियमित अनुश्रवण करेंगे एवं सिंचाई के लिए किसानों को नहर के अंतिम छोड़ तक पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। वहीं बाराहाट प्रखंड अंतर्गत दक्षिण सोनडिहा पंचायत के राधानगर ग्राम में एक तालाब का भी निरीक्षण किया गया। बैठक में एडीएम माधव कुमार सिंह, डीडीसी कौशलेंद्र कुमार, प्रभारी पदाधिकारी आपदा प्रबंधन शालीग्राम साह, डीएओ विष्णुदेव रंजन, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी, कार्यपालक अभियंता सिंचाई प्रमंडल, बौंसी, कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, बांका, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के अलावा विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी आदि मौजूद थे।