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सीबीआई कोर्ट में पेशी के लिए रांची पहुंचे लालू, चारा घोटाले में 15 को आएगा फैसला


रांची, 13 फरवरी (हि.स.)। देश के बहुचर्चित चारा घोटाले के डोरंडा ट्रेजरी (आरसी-47ए /96) मामले में फैसला 15 फरवरी (मंगलवार) को आएगा। इसमें राजद सुप्रीमो लालू यादव सहित 99 आरोपितों को सीबीआई के विशेष जज एसके शशि की अदालत में सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। इसमें हिस्सा लेने के लिए सुनवाई से दो दिन पहले रविवार को लालू पटना से रांची पहुंच गए। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर राजद समर्थकों ने उनका स्वागत किया।

चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले में लालू प्रसाद समेत 99 आरोपित हैं। कोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। सीबीआई की अदालत 15 फरवरी को इस मामले में फैसला सुनायेगी। लालू प्रसाद फिलहाल जमानत पर हैं। इसी सिलसिले में लालू प्रसाद रांची पहुंचे हैं।

बताया जा रहा है कि लालू यादव अगले 48 घंटे तक रांची में रहेंगे। राजद पड़ोसी राज्य झारखंड में भी पार्टी को मजबूत करना चाहती है। इसके लिए खुद लालू यादव झारखंड के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और जरूरी निर्देश देंगे। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साथ राष्ट्रीय जनता दल के कई वरिष्ठ नेता भी रांची पहुंचे हैं।

डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी का मामला

चारा घोटाले का सबसे बड़ा यह मामला डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से जुड़ा है। 1990 से 1995 के बीच 139. 35 करोड़ की अवैध निकासी की गयी थी। इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, तत्कालीन लोक लेखा समिति के अध्यक्ष जगदीश शर्मा, ध्रुव भगत, पूर्व विधायक डॉ आरके राणा, पशुपालन विभाग के अधिकारी फूलचंद सिंह, वित्त सचिव बेक जूलियस, संयुक्त सचिव केएम प्रसाद सहित कई अधिकारी और आपूर्तिकर्ता आरोपितों में शामिल हैं।

चारा घोटाला में लालू प्रसाद यादव से जुड़े झारखंड में कुल पांच मामले हैं। इनमें से चार मामलों में उन्हें सजा मिल चुकी है। लालू को पहले ही चाईबासा के दो मामले, देवघर और दुमका से जुड़े चारा घोटाले में झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वे फिलहाल जमानत पर हैं। अब चारा घोटाले के सबसे बड़े डोरंडा कोषागार मामले में 15 फरवरी को फैसला आना है।

झारखंड में बनाया जाएगा कार्यकारी अध्यक्ष

झारखंड राजद में अभय सिंह पहले अध्यक्ष थे। अब वहां संगठन चुनाव के लिए किसी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाएगा। झारखंड में भी पार्टी को मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। वहां राजद के सत्यानंद भोक्ता, हेमंत सोरेन सरकार में श्रम नियोजन विभाग के मंत्री हैं। झारखंड में झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन की सरकार है।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक समय झारखंड में राजद से 14 विधायक हुआ करते थे लेकिन अब यहां पार्टी कमजोर हो गई है। लालू प्रसाद की भरसक कोशिश होगी कि इस कमजोरी को दूर किया जाए और राजद को झारखंड में भी मजबूती दी जाए।