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सिख दंगा : एसआईटी ने दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार कर भेजा जेल


– अब तक कुल छह आरोपितों को किया जा चुका है गिरफ्तार, 68 अभियुक्तों की तलाश जारी

कानपुर, 21 जून (हि.स.)। उप्र के कानपुर में सिख दंगे में बनी एसआईटी ने 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों के ऊपर हुए अत्याचार और नरसंहार मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को घाटमपुर इलाके में दबिश देकर पकड़ा गया है।

जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने देर रात घाटमपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान वहां से पुलिस ने सिख दंगा मामले के दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जिनके ऊपर संबंधित किदवई नगर थाना क्षेत्र में पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अमर सिंह घाटमपुर थाना से हिस्ट्रीशीटर है और उस पर 10 से अधिक गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, गिरफ्तार दूसरे अभियुक्त का नाम मौबिन शाह है। सोमवार को दोनों को कोर्ट में पेश करते हुए जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।

एसआईटी के डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया है कि 1984 सिख दंगे मामले में दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अभी तक कुल छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 68 लोगों की गिरफ्तारी शेष है। जिनको पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी की कार्रवाई कर रही है।

बता दें कि, 15 जून को निराला नगर हत्याकांड के चार आरोपितों सफीउल्ला, अब्दुल रहमान, योगेंद्र सिंह और विजय नारायण सिंह को एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कानपुर में आक्रोशित भीड़ ने 127 सिखों की हत्या कर दी थी। निराला नगर में पांच लोगों की हत्या हुई थी। उस समय 40 मुकदमे दर्ज हुए थे। 29 में फाइनल रिपोर्ट लग गई थी जबकि मामलों में चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई थी। प्रदेश सरकार ने मई 2019 को फाइनल रिपोर्ट लगे मामलों की पुनः विवेचना के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआइटी ने फाइनल रिपोर्ट लगे 29 मामलों में से केवल 14 मामलों को जांच के योग्य माना गया है।