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सामाजिक विसंगतियों के खिलाफ आवाज देती है दिनकर की रचना : अनिल पतंग


बेगूसराय, 19 सितम्बर (हि.स.)। राष्ट्रकवि दिनकर स्मृति विकास समिति के तत्वावधान में मनाए जा रहे नौ दिवसीय दिनकर जयंती समारोह के चौथे दिन सोमवार को उनके पैतृक गांव सिमरिया में स्थित राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर प्लस टू स्कूल कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के 70 बच्चों ने राष्ट्रकवि दिनकर की रचनाओं का सस्वर पाठ कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों ने दिनकर की कालजई रचनाओं का पाठकर साबित कर दिया कि दिनकर ग्राम सिमरिया के कण-कण में आज भी साहित्य और संस्कृति का ओज व्याप्त है।

समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल पतंग ने कहा कि दुनिया में जहां भी सामाजिक विसंगतियों के खिलाफ प्रतिरोध की बात आती है, उसमें दिनकर की पंक्तियों को लोग हथियार के रूप में उपयोग करते हैं। तेघड़ा विधानसभा के पूर्व विधायक ललन कुंवर ने कहा कि सिमरिया का शैक्षणिक वातावरण सुदृढ़ होने से ही दिनकर जयंती की सार्थकता सिद्ध होगी। बच्चों द्वारा किए गए दिनकर की कविताओं के पाठ की सराहते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में दिनकर साहित्य का बहुत बड़ा योगदान होगा, बच्चे दिनकर साहित्य का अध्ययन जारी रखें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विश्वंभर सिंह ने कहा कि बच्चों को दिनकर साहित्य से प्रेरित होकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है। समिति का उद्देश्य है कि बच्चे दिनकर साहित्य से अवगत हों और दिनकर के व्यक्तित्व कृतित्व से प्रेरित होकर गांव और जनपद का नाम रौशन करें। दिनकर जी ने बच्चों को उर्जा भरने वाली ढेर सारी पंक्तियां लिखी है, जिसे आत्मसात कर बच्चे अपनी मंजिल पा सकते हैं। ग्राम रत्न राजेन्द्र राय ने कहा कि नई पीढ़ी को दिनकर साहित्य से प्रेरणा लेने की जरूरत है। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मणदेव कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य कुलदीप सिंह यादव ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दिनकर के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित किया। इस अवसर पर स्कूल के शिक्षकों एवं अतिथियों ने केक काटकर दिनकर जी का जन्मदिन मनाया तथा दिनकर की रचना के साथ स्वागत गान प्रस्तुत किया स्कूल के बच्चों ने।