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समुद्री चक्रवात असनी हो रहा कमजोर, बढ़ रहा पारा


कानपुर, 12 मई (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी में समुद्री गतिविधियां दिनोंदिन बदल रही हैं और चक्रवात असनी धीरे धीरे कमजोर हो रहा है। इसका असर कानपुर सहित उत्तर प्रदेश में भी पड़ रहा है, क्योंकि नम हवाएं आना बंद हो गई हैं। इससे गुरुवार को दो डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ गया है और 40 पहुंच गया। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में पारा में बढ़ोत्तरी होगी।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम कृषि वैज्ञानिक डा. एस एन सुनील पाण्डेय ने बताया कि कानपुर में अधिकतम तापमान एक सप्ताह बाद 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 67 प्रतिशत और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 37 प्रतिशत रही। हवा की दिशाएं उत्तर पूर्वी रहीं जिनकी औसत गति 4.8 किमी प्रति घंटा रही। बताया कि भारतीय मौसम विभाग से प्राप्त मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आसमान साफ रहने के साथ तापमान बढ़ने केआसार हैं। वर्षा की कोई संभावना नहीं है तथा दिन का तापमान अधिक एवं हवाओं की गति तेज रहने की सम्भावना है। किसान भाई खड़ी फसलों में हल्की सिंचाई 7-8 दिन के अन्तराल पर सायं काल के समय करें। पशुओं को सुबह-शाम नहलायें तथा 3-4 बार ताजा ठण्डा पानी पिलायें।

देश भर में बना मौसमी सिस्टम

मौसम वैज्ञानिक ने देश भर में बने मौसमी सिस्टमों को बताया कि एक डीप डिप्रेशन जो एक चक्रवात आसनी का अवशेष है, डिप्रेशन में बदल गया है। अब यह धीरे-धीरे एक गहरे कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल जाएगा। जम्मू कश्मीर और आसपास के क्षेत्र पर पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। एक प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मध्य पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा उत्तर पश्चिमी राजस्थान से दक्षिण पूर्व मध्य प्रदेश तक फैली हुई है। एक और निम्न दबाव की रेखा विदर्भ से लेकर डिप्रेशन से जुड़े साइक्लोनिक सर्कुलेशन तक फैली हुई है