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सत्य साईं बाबा ने अध्यात्म को मानव सेवा से जोड़ने का अनूठा काम किया : प्रधानमंत्री मोदी


नई दिल्ली, 27 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को फिजी में श्री सत्य साई संजीवनी चिल्ड्रन हार्ट हॉस्पिटल के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि सत्य साईं बाबा ने अध्यात्मवाद को कर्मकांडों से मुक्त किया और इसे लोगों के कल्याण से जोड़ने का अनूठा काम किया है। उन्होंने इस अस्पताल को दोनों के बीच पारस्परिक रिश्तों और प्रेम का प्रतीक बताते हुए कहा कि ये भारत और फ़िजी की साझा यात्रा का एक और अध्याय है।

प्रधानमंत्री मोदी वीडियो संदेश के माध्यम से उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें बताया गया कि चिल्ड्रन हार्ट हॉस्पिटल न सिर्फ फिजी में बल्कि पूरे दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में पहला चिल्ड्रन हार्ट हॉस्पिटल है। एक ऐसे क्षेत्र के लिए जहां हृदय से जुड़ी बीमारियां बड़ी चुनौती हों, ये अस्पताल हजारों बच्चों को नया जीवन देने का माध्यम बनेगा। उन्होंने इस बात से संतोष व्यक्त किया कि यहां हर बच्चे को न केवल विश्व स्तरीय इलाज दिया जाएगा, बल्कि सभी सर्जरी भी मुफ्त की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने ब्रह्मलीन श्री सत्य साईं बाबा को नमन करते हुए कहा कि मानवता की सेवा के लिए उनके द्वारा रोपा गया बीज आज वटवृक्ष के रूप में लोगों की सेवा कर रहा है। दो दशक पहले गुजरात में आये भूकंप के दौरान बाबा के अनुयायियों द्वारा पीड़ितों की सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात के लोग उसे कभी भूल नहीं सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें सत्य सांई बाबा का सान्निध्य मिलता रहा।

परोपकार को सज्जनों की शक्ति बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मानव मात्र की सेवा, जीव मात्र का कल्याण यही हमारे संसाधनों का एक मात्र उद्देश्य है। इन्हीं उद्देश्यों पर भारत और फिजी की साझी विरासत खड़ी हुई है। इन्हीं आदर्शों पर चलते हुए कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में भी भारत ने अपने कर्तव्यों का पालन किया है। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानि पूरे विश्व को अपना परिवार मानते हुए भारत ने दुनिया के 150 देशों को दवाएं भेजी, जरूरी सामान भेजा, अपने करोड़ों नागरिकों की चिंता के साथ-साथ भारत ने दुनिया के अन्य देशों की भी चिंता की। हमने करीब 100 देशों को 100 मिलियन वैक्सीन भेजी हैं। इस प्रयास में फिजी को भी अपनी प्राथमिकता में रखा।

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि दोनों देशों को अलग करने वाले विशाल महासागर के बावजूद, हमारी संस्कृति ने हमें जोड़े रखा है और हमारे संबंध आपसी सम्मान और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने भारत को फिजी के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान करने के अवसर मिलने के विशेषाधिकार को स्वीकार किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने आज फिजी के प्रधानमंत्री फ्रैंक बैनीमारामा को उनके जन्मदिन पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होते रहेंगे।