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संत बोले, ‘रामभक्तों की हत्या व आतंकवादियों को पालने वाली नहीं, राष्ट्रवादी सरकार चाहिए


– संतों का दल उपमुख्यमंत्री केशव के विधानसभा क्षेत्र में करेंगे प्रचार
-अयोध्या से सिराथू विधानसभा के लिए संतों का दल रवाना
अयोध्या, 22 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अयोध्या के संत भी सक्रिय हो गए हैं। उनके लिए राष्ट्रवाद और सामाजिक सुरक्षा सर्वोपरी है। मंगलवार को अयोध्या से संत धर्माचार्यों का एक दल अपने साथ श्रीराम लला का प्रसाद लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के चुनावी क्षेत्र सिराथू विधानसभा के लिए रवाना हुए।
दल में विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य रामायणी राम शंकर दास, हनुमानगढ़ी के नागा अर्जुन दास, महंत सीता राम दास, रामायणी सर्वेश दास, संत दिवाकराचार्य महाराज, ज्योतिषाचार्य आचार्य नारायणाचारी, विहिप नेता शरद शर्मा, महंत राम जी दास, महंत धनुषधारी दास, बाबा शंकर दास, बालचन्द्र वर्मा आदि शामिल हैं।
संत सीताराम दास ने कहा जन-जन में संदेश देने के लिये ही हम सभी संत सिराथु की धरती पर जा रहे हैं। इस देश में राष्ट्रवादी सरकार चाहिए, राम भक्तों की हत्या और आतंकवादियों को पालने वाली सरकार नहीं चाहिए। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सिराथू विधानसभा के प्रत्याशी केशव प्रसाद मौर्य ने सदैव संतों सहित राम भक्तों की सेवा की है। ऐसे व्यक्ति के लिए संत समर्पित है। अब हमारी बारी है। कहाकि भगवा फिर से लहरायेगा, मोदी-योगी फिर से आयेंगे।
रामायणी राम शंकर दास ने कहा कि संतधर्माचार्य अपने मठ मंदिर और कुटिया से जब राष्ट्र जागरण के लिए निकलते हैं, तो व्यापक परिवर्तन होता है। आज संत प्रदेश में राष्ट्रवाद और सामाजिक जीवन मूल्यों की रक्षा करने वाली सरकार को पुनः स्थापित करने के लिये समाज के पास जा रहे हैं।
उन्होंने कहा श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन में अनेक महापुरुषों ने अपना सर्वस्य न्योछावर कर दिया। जिनके योगदान को संत विस्मृत नहीं कर सकता है। इस महाअभियान में राज्य के राम भक्त उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद की सराहनीय भूमिका रही है। ऐसे कर्मठी व्यक्ति को आशीर्वाद देने के साथ ही उनके चुनावी क्षेत्र में श्रीराम लला का प्रसाद वितरण तथा राष्ट्रवादी सरकार चुनने की संत अपील करेंगे।
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के नागा अर्जुन दास ने कहा अयोध्या और प्रयागराज का संबंध सर्वस्पर्शी है। सिराथु विधानसभा क्षेत्र के रामभक्तों का योगदान मंदिर आंदोलन के समय पर मिलता रहा है। आज उन भक्तों के बीच का एक राम और राष्ट्र भक्त केशव समाज की सेवा के लिए तत्पर है। राज्य की सेवा हेतु उनका चुना जाना आवश्यक है।