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शिष्य की लोकप्रियता गुरुओं को नहीं आई रास, किया किडनैप, दो गिरफ्तार


नई दिल्ली, 27 मई (हि.स.)। दोस्त की लोकप्रियता बढ़ने और अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर होने का डर देखकर सुल्तानपुरी इलाके में दो दोस्तों ने अपने ही एक दोस्त का अपहरण कर लिया। उसकी बुरी तरह से पिटाई की। पुलिस को चकमा देने के लिये एक स्थान से दूसरे स्थान पीड़ित को लेकर भागते रहे। पुलिस ने जहां दोनों आरोपितों को उनके ठिकानों पर छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया।

वहीं उनके कब्जे से किडनैप दोस्त को भी छुड़ा लिया। जिसकी हालत देखकर उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपितों की पहचान कुणाल और शिवम के रूप में हुई है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक भी जब्त कर ली है। वह कहां पर पीड़ित को लेकर छिपे थे। पुलिस उन जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में लेकर जांच कर रही है।

बाहरी जिले के डीसीपी समीर शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि बीते रविवार को सुल्तानपुरी पुलिस को एक गुरप्रीत उर्फ बॉबी नामक डीजे का काम करने वाले युवक के किडनैप होने की कॉल मिली थी। एसआई दीपक टीम के साथ मौके पर पहुंचा। गुरप्रीत के परिवार वालों ने पड़ोसी शिवम और कुणाल पर शक जाहिर किया।

पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस टीम ने इलाके में लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और उसकी लोकेशन जानने के लिये फोन को सर्विलांस पर लगाया गया। जांच में पता चला कि गुरप्रीत डीजे का काम करता है। जबकि आरोपित भी वहीं काम करते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से आरोपितों ने उससे काफी दूरी बना ली थी। क्योंकि उनके मुकाबले गुरप्रीत के पास काम काफी ज्यादा आने लगा था।

एक सूचना पर महिपालपुर स्थित ओयो होटल में छापेमारी की गई। जहां से पुलिस के आने से पहले ही दोनों गुरप्रीत को लेकर निकल गए थे। उसके कुछ घंटों बाद पता चला कि दोनों आरोपितों को सुल्तानपुरी इलाके में देखा गया है। पुलिस टीम ने तुरंत वापिस आकर दोनों के संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर गुरप्रीत को भी बरामद कर लिया। जिसके शरीर पर चोट के काफी निशान थे।

उसकी हालत को देखते हुए उसे तुरंत संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों आरोपितों से पूछताछ करने पर पता चला कि गुरप्रीत को पहले से ही दोनों धमका रहे थे। वारदात वाले दिन दोनों ने उसे धमकी भी दी थी। उसको इलाके में से बातचीत करने के बहाने बाइक पर बैठाकर ले गए थे। जहां एक ठिकाने पर उसकी बुरी तरह से पिटाई की।

दोनों आरोपितों ने गुरप्रीत को डीजे चलाना सीखाया था। दोनों को वह अपना गुरु मानता था। लेकिन गुरप्रीत ने कुछ समय बाद ही अपना अलग से डीजे का सामान लेकर खुद ही प्रोग्राम करने लगा था। उसके पास दोनों से ज्यादा बुकिंग आने लगी थी। इसी वजह से दोनों आर्थिक रूप से कमजोर होने लगे थे। उनके पास काफी कम बुकिंग आ रही थी। तभी उसको सबक सीखाने के लिये उसका इलाके से किडनैप किया था।