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लगातार हो रही बारिश से उत्तर बिहार में गहराया बाढ़ का संकट


-गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कोसी सहित अधिकांश नदियां उफान पर

-मंत्री ने सभी अधिकारियों और इंजीनियर्स को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए

पटना, 02 अगस्त (हि.स.)। मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार में मंगलवार को येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से उत्तर बिहार की नदियां उफान पर हैं। गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और कोसी सहित अधिकांश नदियों का जलस्तर कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर है।

नेपाल के कई इलाकों में पिछले दो दिनों में हुई भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान को पार कर गया। नदियों में उफान के कारण कई इलाकों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। नदियों के बढ़े जलस्तर के मद्देनजर जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने मुख्यालय से लेकर फील्ड तक के सभी अधिकारियों और इंजीनियर्स को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

मुजफ्फरपुर ज़िले के कटौझा में बागमती नदी खतरे के निशान को पार गई है। लगातार जल स्तर में वृद्धि जारी है। मुजफ्फरपुर से गुजरने वाली प्रमुख नदिया बूढ़ी गंडक सिकन्दरपुर में और रेवा घाट पर नारायणी गंडक के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।

पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी के डाउनस्ट्रीम में बीती शाम 2 लाख 86 हजार 800 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने के बाद पूर्वी चंपारण जिले के डुमरियाघाट मे गंडक का पानी मंगलवार को निर्धारित खतरे के निशान 62.02 मीटर को पार कर 62.03 मीटर पर बह रही है। संग्रामपुर अरेराज और केसरिया प्रखंड के निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। यही स्थिति बूढी गंडक, बागमती और लालबकेया नदी में देखने को मिल रही है।

जिला आपदा कंट्रोल रूम के प्रोग्राम अधिकारी गोंविद कुमार व जिला सूचना व जनसंपर्क अधिकारी गुप्तेश्वर कुमार से मिली जानकारी के अनुसार लालबकेया नदी गुआबारी में निर्धारित खतरे के निशान 70.90 मीटर से ऊपर 71.12 मीटर पर बह रही है। बूढी गंडक लालबेगिया में निर्धारित खतरे के निशान से 63.195 मीटर से नीचे 60.82 मीटर पर बह रही है। अहिरौलिया में खतरे के निशान 59.62 के नीचे 56.12 मीटर पर बह रही है।

बूढी गंडक नदी खतरे के निशान के नीचे बह रही है लेकिन यह जिले के सुगौली प्रखंड के गोडिगांवा, सुकुल पाकड़ के अलावा बंजरिया प्रखंड के गोबरी सिसवनियां व सुंदरपुर में कटाव तेज कर दिया है। आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार बागमती नदी भी निर्धारित खतरे के निशान 61.20 मीटर के बराबर 61.20 मीटर पर बह रही है। मोतिहारी शिवहर पथ पूरी तरह बाधित हो गया है। कई क्षेत्रों में बाढ का पानी तेजी से फैलने लगा है।

जिला आपदा समार्हत्ता अनिल कुमार और आपदा प्रभारी अमृता कुमारी ने बताया कि जिले के बाढ संभावित सभी अंचलों के अधिकारियों को नदियों की स्थिति पर नजर बनाये रखने के लिए कहा गया है।साथ ही बाढ के मद्देनजर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। जिले में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ टीम को तैनात कर दिया गया है। साथ ही जल निस्सरण व जल संसाधन विभाग के अभियंताओं, स्थानीय प्रशासन होमगार्ड के जवान व चौकीदारों को तटबंधों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।