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रोहिंग्याओं को आवास देने की बजाय भारत से बाहर किया जाए : विहिप


नई दिल्ली, 17 अगस्त (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने बुधवार को कहा कि हम केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी के एक बयान को देखकर स्तब्ध हैं। हरदीप पुरी ने रोहिंग्याओं को शरणार्थी बताया और उन्हें दिल्ली के बक्करवाला में ईडब्ल्यूएस फ्लैट आवंटित किया।

विहिप ने केन्द्र सरकार से इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने और रोहिंग्याओं को आवास प्रदान करने के बजाय, उन्हें भारत से बाहर भेजने की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 10 दिसंबर 2020 को संसद में घोषणा की थी कि रोहिंग्या को भारत में कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आलोक कुमार ने कहा कि भारत सरकार का सदैव से रूख रहा है कि रोहिंग्या शरणार्थी नहीं हैं, बल्कि घुसपैठिये हैं। सरकार ने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा में दाखिल किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिंदू शरणार्थी दिल्ली के मंजनू-का-टीला इलाके में घृणित अमानवीय परिस्थितियों में रह रहे हैं। ऐसे में रोहिंग्याओं को मदद का प्रस्ताव और भी अधिक निंदनीय हो जाता है।