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राष्ट्र सर्वोपरि, धर्म सर्वोपरि यह ध्येय लेकर कार्य करना काल की आवश्यकता है:रामाशीष सिंह


सीवान, 25 जुलाई ( हि.स.)।

वर्तमान काल में हिन्दू समाज अपने मुलभूत अधिकारों के लिए जूझ रहा है, आज हिन्दुओं के सामने धर्मांतरण, लव जिहाद, गौ हत्या, पाश्चात्य विकृति का प्रभाव ऐसी अनेक समस्या खडी है।

उक्त बातें प्रज्ञा प्रवाह के बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संयोजक रामाशीष सिंह ने सीवान के महावीरी सरवस्ती विद्या मंदिर, विजयहाता के सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्री गुरु दक्षिणा कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहीं।

उन्होंने कहां कि आज एक समस्या से अपने समाज को छोड़ाने में अनेक वर्ष लग सकते है और हमारे हाथ में समय नहीं है। इसीलिए सभी समस्याओं को जड़ से हटाना है तो हमें संघटित रूप से आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक रूप से जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले सात दशक से हिन्दुओं को धर्म विन्मुख बनाया गया। उसी के दुष्परिणाम आज व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन के साथ ही समाज एवं राष्ट्र जीवन में दिखाई दे रहे है। आज अपने व्यक्तिगत जीवन का समय त्याग कर राष्ट्र सर्वोपरि, धर्म सर्वोपरि यह ध्येय लेकर कार्य करने वाले हिन्दू समाज को संगठित होने की आवश्यकता है।

श्री सिंह ने कहा कि आज जब हम मैं, मेरा संगठन, पद, मान सम्मान इससे उठकर कार्य करेंगे तो ही सच्चे रूप में राष्ट्र और धर्म की सेवा हमसे हो सकती है। यह साध्य करने के लिए आज हिन्दुओं को साधना कर हमारी कुंडलिनी शक्ति जागृत करना आवश्यक है। जब समाज अपने धर्म तथा कर्तव्यों को छोड़ देता है तो बुरा समय शुरू हो जाता है। हिन्दू धर्म में ही हरेक मंत्र के अंत में ॐ शांति शांति शांति कहते हैं। यह केवल मन की शांति के लिए कहते है ऐसे नहीं परन्तु आधी दैविक, आधी भौतिक, आधी अध्यात्मिक ऐसे तीनों स्तर की अशांति दूर करने हेतु प्रयासों का संकल्प है। इससे हमारे ऋषि मुनियों की दूरदृष्टी तथा सनातन धर्म की महानता हमें ध्यान आती है।

उन्होंने कहा कि आज हिन्दुओं को इंजीनियर, डॉक्टर, वकील बनने की शिक्षा के साथ ही धर्म की शिक्षा लेना अत्यावश्यक है। हमारा धर्म और संस्कृति बचेगी तो हम बचेंगे यह ध्यान में लेना आवश्यक है ।सनातन नित्य नूतन है, आज हमें ज्ञान प्राप्त करने की आवश्यकता है अज्ञान की नहीं। आज शिक्षण संस्थानों में जो सिखाया जा रहा है वो सभी अज्ञान है। मैकॉले ने भारत में ऐसी व्यवस्था पैदा कर दी कि व्यक्ति अपना चरित्र भूल जाए और गुरुकुल समाप्त हो जाएं। गुरुगोविंद जी के समय जान चली जाती थी लेकिन गर्दन नहीं झुकती थी परन्तु आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के कारण हमारी गर्दन झुकी ही रहती है ।

श्री सिंह ने कहा कि आज समय की मांग है कि हम सोशल मीडिया का उपयोग हिन्दू धर्म के प्रसार के लिए करे और सोशल मीडिया पर हिन्दू समाज के खिलाफ रची जा रही नरेटिव से सचेत और सतर्क रहने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सीवान जिला संघचालक डॉ विनय कुमार सिंह ने किया।