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राष्ट्रीय सद्भावना एवं हिंदू मुस्लिम एकता के सच्चे पक्षधर थे राष्ट्रकवि मिर्जा गालिब


बेतिया, 15 फरवरी (हि.स)। सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सभागार सत्याग्रह भवन में आज उर्दू के विश्व प्रसिद्ध सह राष्ट्रकवि मिर्जा गालिब की 153 वी पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया । जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ,बुद्धिजीवियों एवं छात्र छात्राओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर सर्वप्रथम राष्ट्रकवि मिर्जा गालिब 153वी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पीस एंबेस्डर सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ0 एजाज अहमद एवं डॉ सुरेश कुमार अग्रवाल चांसलर प्रज्ञान अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय झारखंड ने संयुक्त रुप से कहा कि आज ही के दिन आज से 153 वर्ष पूर्व 1869 ई0 को राष्ट्रकवि मिर्जा गालिब का निधन हुआ था। उनका सारा जीवन राष्ट्र कवि के रूप में भारत की अंतरात्मा को समाज के बीच प्रकट करने में रहा। उन्होंने उर्दू भाषा में अपने विभिन्न रचनाओं के माध्यम से समाज को एक नई दिशा प्रदान की, ताकि समाज में नई जागृति उत्पन्न हो ।