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राज्य सरकार किसानों के उत्थान के लिए बना रही कई योजनाएं : गहलोत


जयपुर, 16 फ़रवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के उत्थान के लिए कई योजनाएं बना रही है। किसानों के उत्थान के लिए ही राज्य में इस बार अलग से कृषि बजट लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने को खेतों में फूड प्रोसेसिंग सिस्टम के लिए कन्वर्जन की छूट दी थी। करोड़ों रुपए के अनुदान तय किए।

मुख्यमंत्री गहलोत बुधवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री महादेव सिंह खंडेला के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। तीन साल बाद किसान आयोग की खाली पड़ी कुर्सी पर पूर्व केंद्रीय मंत्री महादेव सिंह खंडेला ने पदभार ग्रहण किया। इस दौरान सीएम अशोक गहलोत से लेकर कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, मंत्री टीकाराम जूली, विधानसभा सभापति राजेंद्र पारीक और मंत्री राजेंद्र गुढ़ा मौजूद रहे। उपाध्यक्ष पद पर दीपचंद खेरिया ने पदभार ग्रहण किया। इस दौरान सीएम गहलोत ने कहा कि महादेव खंडेला के राजनीतिक अनुभव का फायदा आयोग को मिलेगा। आयोग सरकार को सलाह देगा कि कृषि के क्षेत्र में क्या कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले आयोग का डेलिगेशन इजराइल गया था। पहले वहां रेगिस्तान थे लेकिन आज विश्व में कृषि भूमि की पहचान बन गई है। राजस्थान में भी बहुत गुंजाइश है। यहां किसानों ने अकाल की सदियों तक मार झेली है। हालांकि अब मानसून का मिजाज बदल गया है। ट्यूबवेल से पानी की व्यवस्था हो जाती है। पहले किसानों के सामने बहुत सारी चुनौतियां हुआ करती थी, लेकिन यूपीए गवर्नमेंट ने कानून बनाकर अधिकार देने के युग की शुरुआत की। खाद्य सामग्री का अधिकार, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार दिया।

सीएम ने कहा कि प्रदेश में भी इंग्लिश स्कूल का क्रांतिकारी कदम उठाया गया। वो खुद बचपन से अंग्रेजी विरोधी रहे हैं। पहले दक्षिणी राज्यों में हिंदी का विरोध होता था, तब उन्होंने कहा था कि अंग्रेजी क्या काम आएगी। क्योंकि उनकी भी अंग्रेजी को लेकर हैबिट नहीं बनी। तुक्केबाजी कर काम चलाया करते थे, लेकिन अब गांव में भी अंग्रेजी स्कूल खुलने लग गए हैं। 10-15 साल में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। बचपन से ही प्री प्राइमरी में अंग्रेजी पढ़ेंगे, तो उनकी जुबान पर इंग्लिश आएगी और फिर देश- दुनिया में कहीं भी जाओ तो उनमें कॉन्फिडेंस रहेगा और वो अपना उद्देश्य पूरा कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि यूपीए राज में मनरेगा कानून बनाकर 100 दिन के रोजगार का अधिकार दे दिया। किसानों को इसकी जानकारी नहीं कि काम मांगने पर यदि काम नहीं मिलेगा तो घर बैठे पैसा मिलेगा। मनरेगा स्कीम के जरिए आज अकाल की स्थिति भी बने तो किसी के चेहरे पर चिंता की लकीर नहीं आएगी। राज्य सरकार किसानों के लिए कई योजना ला रही है। दूध उत्पादकों को सब्सिडी दी गई। अब किसान आयोग से भी सुझाव मांगे गए हैं।

किसानों की बेहतरी को लेकर उन्होंने अपनी योजनाएं गिनाईं और प्रधानमंत्री को वो बयान याद दिलाया जिसमें उन्होंने 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का दावा किया था। सीएम ने कहा कि केन्द्र अपनी कोशिशों में कामयाब नहीं हो पाया है। हालांकि उनकी सरकार लगातार किसानों को मजबूत करने की योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कृषि बजट का भी जिक्र किया और कहा कि पहली बार वो इस तरह का बजट सदन के पटल पर रखने वाले हैं। हम तैयारी में जुटे हैं, ये पहला प्रयास है। इसमें कुछ कमी रहेगी तो अगली बार और सुधार करेंगे क्योंकि परफेक्ट कुछ नहीं होता। लगातार सुधार की गुंजाइश रहती है। जो व्यक्ति जिंदगी भर सीखता रहता है वह सुखी रहता है। अभी कृषि के लिए अलग से बिजली कंपनी बनाने की भी तैयारी चल रही है उसने समय लग रहा है क्योंकि वो बड़ा काम है।