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राज्यपाल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट, हेमंत सरकार के लिए चिंता का विषय


रांची 23 फरवरी। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने केंद्रीय गृह मंत्रायल को एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट भेजी है। इसमें राज्य में पिछले दिनों हुई घटनाओं और सामयिक विषयों का उल्लेख है।जैसा कि सूत्र बताते हैं। यह निश्चित रूप से राज्य सरकार के लिए चिंता बढ़ाने वाली बात है। राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में भाषा विवाद, मॉब लिंचिग, नक्सली घटना का जिक्र किया है। राज्यपाल ने कहा कि इन मुद्दों से विधि व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका है। राज्यपाल ने इस बात का भी जिक्र किया है कि आगामी बजट सत्र और पंचायत चुनाव में उपरोक्त मुद्दों को लेकर विधि-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।भारत सरकार ने राज्यपाल से रिपोर्ट मांगी थी। राज्यपाल से हाल के दिनों में झारखंड में विभिन्न मुद्दों पर उठे विवाद और हंगामा के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यपाल से कई बिन्दुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें भाषा विवाद एवं इसके विरोध में विभिन्न हिस्सों में हुए विरोध प्रदर्शन, आंदोलन और मानव शृंखला, पूर्व सांसद रवींद्र राय के वाहन पर हमला, सीपीआइ माओवादी के जोनल कमांडर महाराज प्रमाणिक के अगस्त 2021 में कार्य छोड़ने, प्रशांत बोस उर्फ किसान दास (पीबीएम एंड सेक्रेटरी, इआरबी) एवं उनकी पत्नी शीला मरांडी (सीसीएम) के 12 नवंबर 2021 की गिरफ्तारी के बाद हिंसा और वारदात, पेट्रोलिंग पार्टी से हथियार लूटने जैसी घटना, संजय प्रधान व झरियो देवी मॉब लिचिंग कांड, पूर्व विधायक गुरुचरण नायक के ऊपर जानलेवा हमला एवं उनके अंगरक्षकों की हत्या व हथियार गोली की लूट, प्रेम सिंह सुरीन की हत्या, बैरम लुगुन की हत्या जैसे विषय शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यपाल से झारखंड में विभिन्न संगठनों द्वारा पेसा कानून लागू करने की मांग तथा अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत चुनाव कराये जाने का विरोध, नियोजन नीति एवं 1932 के कट ऑफ वर्ष के आधार पर स्थानीय नीति पर चल रहे जिच को लेकर भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
-केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे अपने रिपोर्ट में राज्यपाल ने डायन प्रथा का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि झारखंड में डायन हत्या एक बड़ी सामाजिक बुराई है। लोग डायन का आरोप लगाकर हत्या कर देते हैं। पिछड़ापन इसके महत्वपूर्ण कारण हैं।

सीमा सिन्हा ब्यूरो प्रमुख।