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राघव चड्ढा भी हो सकते है गिरफ्तार: अरविंद केजरीवाल


नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अपने राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को लेकर के बड़ी बातें कही। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि, जब से राघव चड्ढा को गुजरात का सह प्रभारी नियुक्त किया है और उन्होंने गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए जाना चालू किया है, अब सुन रहे हैं कि राघव चड्ढा को भी ये लोग गिरफ्तार करेंगे। किस केस में करेंगे और क्या आरोप होंगे, ये अभी ये लोग बना रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा को पिछले दिनों पार्टी ने गुजरात का सह प्रभारी नियुक्त किया था। उसके उसके बाद राघव चड्ढा गुजरात में पार्टी की दी गई जिम्मेदारी को निभाने में जुट गए हैं। पिछले सप्ताह जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुजरात दौरे पर थे तब उनके साथ राघव चड्ढा भी थे। इतना ही नहीं अहमदाबाद में सफाई कर्मचारियों के साथ संवाद के दौरान हर्ष सोलंकी नाम के सफाई कर्मचारी को जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली आकर उनके घर भोजन करने का न्योता दिया था, इसकी भी जिम्मेदारी राघव चड्ढा को दी गई थी।

राघव चड्ढा दिल्ली एयरपोर्ट पर लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर तक सफाई कर्मचारी हर्ष सोलंकी के साथ रहे उनके साथ सीएम आवास पर भोजन किया और फिर वे गुजरात में चुनावी तैयारियों को देखने लगे थे।

दिल्ली शराब घोटाले में ईडी ने समीर महेंद्र को गिरफ्तार किया है, वहीं इससे पहले मंगलवार की शाम सीबीआई ने शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रबंधक विजय नायर की गिरफ्तारी हुई थी। बुधवार को ईडी ने समीर महेंद्रू की गिरफ्तारी की।

दिल्ली में शराब घोटाले का यह है पूरा मामला

दिल्ली सरकार द्वारा गत वर्ष 17 नवंबर को लागू नई आबकारी नीति जिसे अब वापिस ले लिया गया है। उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना ने पिछले महीने नई आबकारी नीति को लागू करने में अनियमितता व भ्रष्टाचार मामले में जांच की सीबीआई से सिफारिश की थी। दिल्ली में पहले शराब की बिक्री सरकारी दुकानों में होती थी। निर्धारित रेट पर ही चुनिंदा जगहों पर खुली हुई दुकानों में ही शराब बेची जाती थी।

यह वर्षों पुरानी बनाई गई नीति के तहत शराब की बिक्री होती थी। केजरीवाल सरकार ने गत वर्ष नवंबर में शराब की बिक्री के लिए नई आबकारी नीति को लागू किया। इसके तहत शराब की बिक्री की जिम्मेदारी निजी कंपनियों व दुकानदारों को दे दिया गया। सरकार का कहना था कि इससे कंपटीशन होगा और कम कीमत पर शराब खरीद सकेंगे।

इसके अलावा दुकान पर देसी विदेशी सभी ब्रांडों की शराब एक जगह मिलेगी, लेकिन नई आबकारी नीति के तहत नवंबर से दिल्ली में बिक रही शराब की दुकानों को अचानक बंद करने का सरकार ने फैसला लिया और एक सितंबर से दिल्ली में पुरानी आबकारी नीति के तहत शराब की बिक्री हो रही है।