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मोदी @ 8 : बिहार के बेगूसराय में भारतमाला परियोजना से बनेगा सिक्स लेन पुल


बेगूसराय, 14 जून (हि.स.)। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सेवा, समर्पण और गरीब कल्याण वाली सरकार के आठ साल पूरा होने पर बेगूसराय को एक और परियोजना की सौगात मिली है।

बेगूसराय में गंगा नदी पर बनने वाले चौथे सड़क पुल का निर्माण राष्ट्रीय गलियारे को बेहतर एवं विकसित बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू भारतमाला परियोजना के तहत किया जाएगा। मटिहानी एवं शाम्हो प्रखंड के बीच बनने वाला यह सिक्स लेन पुल ना केवल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ेगा, बल्कि अंग्रेज काल के पहले से प्रचलित नेपाल-कोलकाता का पुराना रास्ता भी एक नए रूप में शुरू हो जाएगा।

सिक्स लेन पुल के दोनों ओर अतिरिक्त एनएच का फोरलेन पहुंच बनाकर राष्ट्रीय राजमार्ग-80 के मोकामा-मुंगेर खंड को राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के सिमरिया-खगड़िया खंड को जोड़ा जाएगा। 28.684 किलोमीटर लंबे इस परियोजना पर करीब 4412 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को पत्र भेजकर अवगत कराया है। जिसमें गिरिराज सिंह की अनुशंसा पर इसे भारतमाला प्रोजेक्ट में शामिल करते हुए इकोनामिक एनालिसिस एवं प्रोजेक्ट सहित सभी जानकारी दी गई है।

जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस पुल के बनने से आर्थिक विकास दर में वृद्धि के साथ-साथ अंतरराज्यीय सम्पर्कता में वृद्धि तथा बेगूसराय सहित आसपास के जिला लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, समस्तीपुर एवं जमुई के लोगों के विकास का एक मार्ग खुल जाएगा। इस छह जिला के 5564 गांव में रहने वाले एक करोड़ 30 लाख से अधिक लोगों के लिए काफी फायदेमंद होगा। जिसमें सबसे अधिक फायदा शाम्हो को होगा, शाम्हो के दियारा में उपजने वाले सब्जी और अमृत समान दूध को एक नया बाजार मिलेगा तो इनकी प्रगति के मार्ग खुल जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि गंगा के दक्षिणी पार बसा बेेेगूसराय का शाम्हो आजादी के करीब 75 साल बाद भी विकास से काफी दूर है। यहां के लोगों का तीन महीना से अधिक तक सब काम नाव के सहारे ही चलता है। अनुमंडल एवं जिला मुख्यालय आने के लिए नाव का ही सहारा लेना पड़ता है या फिर लखीसराय होकर 75 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। दियारा में उपजने वाले सब्जी, अनाज और दूध को रोड कनेक्टिविटी के कारण व्यापक बाजार नहीं मिल पाता है। गंभीर रूप से बीमार होने पर पटना समेत अन्य जगह ले जाने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

2014 में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के गठन बाद यहां के विकास की कवायद तेज हुई। लोगों को बेगूसराय से दो-दो सांसद रहने का जबरदस्त फायदा मिला, विगत लोकसभा चुनाव के मंच पर उठे इस मुद्दे को बेगूसराय निवासी राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में मनोनीत सांसद राकेश सिन्हा तथा 2019 में अपार बहुमत से लोकसभा का चुनाव जीत केंद्रीय मंत्री बने गिरिराज सिंह ने गंभीरता से लिया। दोनों की पहल पर बीते दिनों केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस पुल को बनाने की घोषणा किया और अब केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना में शामिल किया गया है। इस पुल और फोरलेन के बन जाने से ना सिर्फ दियारा के अभिशाप से मुक्ति मिल जाएगी, इलाके का समुचित विकास होगा।