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मोदी सरकार के आठ साल में नए बदलाव की ओर अग्रसर हुआ बिहार : गिरिराज सिंह


-टुकड़े-टुकड़े गैंग को पच नहीं रहा है मोदी का भौतिक एवं सांस्कृतिक विकास

बेगूसराय, 15 जून (हि.स.)। केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि आठ वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश सेवा, सरोकार और गरीब कल्याण के सर्वोच्च शिखर पर पहुंच गया है। पिछली सरकार जो काम 60 साल में नहीं कर सकी, नरेन्द्र मोदी ने उससे अधिक काम आठ साल में करके नई गाथा लिख दी।

नरेन्द्र मोदी ने ना केवल देशभर में हर जन के लिए कल्याणकारी योजना शुरू कर उसका लाभ पहुंचाया, बल्कि भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार करते हुए स्वास्थ्य और किसान कल्याण के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रगति की। देश में पिछले आठ वर्षों से समग्र विकास की बयार बह रही है तो बिहार को भी जबर्दस्त फायदा मिला है तथा इससे बिहार नए बदलाव की ओर अग्रसर हो गया।

गिरिराज सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत देशभर में स्वीकृत किए गए 1.22 करोड़ घर में से 3.26 लाख बिहार को मिला। जिसमें से देशभर में 58.68 लाख बनकर तैयार हुआ तो बिहार में 1.15 लाख बने, इसके लिए केंद्रीय निधि से देश को 1.18 लाख करोड़ एवं बिहार को 2544 करोड़ केंद्रीय निधि जारी की गई। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का अभियान शुरू किया गया तो जन्म के समय देश का सेक्स रेश्यो 933 और बिहार का 896 है।

बेटी की आत्मनिर्भरता के लिए शुरू सुकन्या समृद्धि योजना के तहत देशभर में 2.96 करोड़ रजिस्टर्ड अकाउंट में से 15.51 लाख बिहार में है। इसके लिए देश भर में जारी 1.43 लाख करोड़ में से 5394 करोड़ बिहार को मिला। देशभर में 24.03 लाख किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड जारी किए गए, जिसमें बिहार के बिहार के 1.42 लाख किसान हैं। देश वासियों को कम कीमत पर दवा उपलब्ध कराने के लिए देशभर में अब तक खोले गए 8765 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में से 287 बिहार में हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के 12.41 करोड़ में से 84.26 लाख लाभार्थी बिहार के हैं, इसके लिए देशभर में जारी राशि में से 15213 करोड़ में बिहार को मिला। वन नेशनल वन राशन कार्ड के तहत देशभर के 19.51 करोड़ राशन कार्ड में 1.81 करोड़ बिहार में है, जिसमें देशभर के 78.74 करोड़ लाभार्थी में से 8.8 करोड़ बिहार में है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत देशभर में दिए गए 8.01 करोड़ कनेक्शन में 85.37 लाख लाभार्थी बिहार के हैं, इनमें एससी-एसटी को 3.04 करोड़ कनेक्शन दिया गया तथा बिहार में 21.01 लाख लाभार्थी एससी-एसटी के हैं।

पहल योजना के तहत देश में दिए गए 30.71 करोड़ एलपीजी कनेक्शन में से 2.09 करोड़ लाभार्थी बिहार में हैं। देश स्तर पर 103.84 प्रतिशत एलपीजी की पहुंच हुई तो बिहार में इसकी हिस्सेदारी 85.51 प्रतिशत है। भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार करते हुए नरेन्द्र मोदी ने सीधे लाभुकों के बैंक खाता में डीबीटी के माध्यम से लाभ देने की शुरुआत की गई। डीबीटी के माध्यम से देश में 22.63 लाख करोड़ ट्रांसफर किया गया तो बिहार को 54761 करोड़ का फायदा मिला।

प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए राजीव गांधी ने कहा था कि केंद्र से चले एक रुपया में से 15 पैसा गांव तक पहुंचता है, लेकिन नरेन्द्र मोदी ने इस बड़े भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए डीबीटी की शुरुआत की। अब किसी को योजना में से कमीशन नहीं देना पड़ता है और शत-प्रतिशत पैसा लाभुकों को मिल रहा है। पीएम वाणी योजना के तहत देशभर में 59953 पब्लिक वाईफाई स्पॉट एक्टिव हुए हैं, जिसमें बिहार में 1667 स्पॉट हैं। जल जीवन मिशन के तहत देश भर में दिए गए 9.57 करोड़ नल कनेक्शन में 1.6 करोड़ बिहार में लगाया गया। इसी तरह नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रमिकों के पंजीकरण और उनके हित में शुरू ई-श्रम योजना में देश के 27.62 करोड़ श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है तो बिहार के 2.83 लाख श्रमिकों ने इसमें अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत देश भर में 10.93 करोड़ शौचालय बनाए गए, जिसमें से बिहार में 1.18 करोड़ बनाया गया तथा करीब सौ प्रतिशत गांव ओडीएफ हो चुका है।

गिरिराज सिंह ने कहा है कि यह 14 योजना तो महज उदाहरण है, मोदी सरकार ने मात्र आठ वर्ष में लोक कल्याण के लिए जो कार्य किए वह अद्वितीय और अद्भुत है। इससे जहां जनकल्याण की नई शुरुआत हुई, वहीं विकास दर बढ़ने के साथ-साथ भारत दुनिया भर में अग्रणी होकर विश्व गुरु का परचम लहरा रहा है। लेकिन मोदी का भौतिक एवं सांस्कृतिक विकास तथा राष्ट्रवाद टुकड़े-टुकड़े गैंग को पच नहीं रहा है। सोची-समझी रणनीति के तहत भारत को पूरी दुनिया में बदनाम करने वाले लोगों की जमात मोदी को गाली देते-देते देश को गाली दे रहे हैं, वह राहुल गांधी हो या कोई दंगाई। जबकि भारत से अच्छा सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विकास दुनिया में कहीं नहीं है।