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मेरठ में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज में बिहार से खरीदे गए सिम


मेरठ, 14 जून (हि.स.)। मेरठ में गंगानगर में बीएसएनएल और क्राइम ब्रांच की टीम ने अवैध इंटरनेशन टेलीफोन एक्सचेंज को पकड़ा। इस एक्सचेंज के जरिए अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल कॉल में बदला जा रहा था। इससे बीएसएनएल को करोड़ों रुपए का चूना लग रहा था। इस एक्सचेंज में इस्तेमाल किए जा रहे सिम बिहार से खरीदे गए थे और केरल के एक्सचेंज का इस्तेमाल किया जा रहा है। मंगलवार को खुफिया एजेंसियों ने भी आरोपित से पूछताछ की।

दूरसंचार मंत्रालय से कई लोगों ने शिकायत की थी कि उनके लोकल नंबर पर अंतरराष्ट्रीय कॉल आ रही है। मोबाइल पर आ रही कॉल का नंबर तो लोकल होता था, लेकिन कॉल करने वाला विदेश से बात करता था। दूरसंचार मंत्रालय के निर्देश पर बीएसएनल मेरठ के डीजीएम राकेश चौधरी, एजीएम मोबाइल आशीष वर्मा ने मेरठ के पुलिस अधिकारियों से बात की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच प्रभारी अखिलेश गौड़ को गंगानगर पुलिस के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए। सोमवार रात को टीम ने गंगानगर में छापा मारकर इस अवैध इंटरनेशनल टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया। मौके से पुलिस ने मवाना निवासी मोहम्मद शमी को पकड़ा और उससे आधी रात तक थाने लाकर पूछताछ की। पूछताछ में शमी ने बताया कि वे सभी इंटरनेशनल कॉल को लोकल कॉल में बदल कर बीएसएनएल को चूना लगा रहे थे। प्रतिदिन 40 हजार इंटरनेशनल कॉल को लोकल में डायवर्ट किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से 187 सिम, चार कंप्यूटर, बैटरी, लेपटॉप, एयरटेल और बीएसएनएल के हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन बरामद किए। बरामद सिम में से 167 बीएसएनएल और 20 एयरटेल के है।

शमी का कहना है कि मोहसिन ने उसे 10 हजार रुपए प्रति माह की नौकरी पर रखा। शमी ने पुलिस को बताया कि वह दो साल तक सऊदी अरब में टेलीफोन एक्सचेंज की ट्रेनिंग करने के बाद भारत आया था। इसके बाद उसने मोहसिन के साथ मिलकर गंगानगर में एक्सचेंज खोला था। अब तक आरोपित बीएसएनएल को करोड़ों रुपए का चूना लगा चुके हैं। शमी से खुफिया एजेंसी भी पूछताछ में जुटी है। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड मोहसिन है और वह आईटी की पूरी जानकारी रखता है। पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी है। बिहार के मिले सिम किसकी आईडी पर खरीदे गए, इसकी भी जांच की जा रही है। इसके लिए मंगलवार को बिहार पुलिस से संपर्क किया गया। एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के मामले की पुलिस और बीएसएनएल के अधिकारी मिलकर जांच कर रहे हैं।

इससे पहले भी गंगानगर में ही 06 जनवरी 2015 को गंगानगर सी ब्लॉक में इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के सामने से अवैध टेलीफोन एक्सचेंज पकड़ा गया था। उस समय 64 सिम बरामद हुए और चार लोग गिरफ्तार हुए। अक्टूबर 2015 में गंगानगर में फिर से फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज पकड़ा गया। उस पर 35 सिम बरामद करके दो लोगों को पकड़ा गया। 2017 में ब्रह्मपुरीऔर शास्त्रीनगर में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज पकड़े गए।

देश की सुरक्षा के लिए भी खतरनाक

इस तरह के फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए सरकारी कंपनी बीएसएनएल को मोटा चूना लगाया जा रहा था। यह देश की सुरक्षा के लिए भी खतरनाक है। इससे देश के बाहर से आने वाली कॉल का कोई रिकाॅर्ड नहीं रखा जा सकता। लोकल कॉल दिखाई देने के कारण इस पर सुरक्षा एजेंसियों की भी नजर नहीं पड़ती।