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मुखबिरी के आरोप में उल्फा (स्व) ने अपने दो कैडरों को दी मृत्यु दंड की सजा


गुवाहाटी, 07 मई (हि.स.)। असम के प्रतिबंधित विद्रोही संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) स्वाधीन (स्व) ने मुखबिरी के आरोप में अपने दो कैडरों को मृत्यु दंड की सजा दी है।

शनिवार को उल्फा (स्व) के स्वयं-भू ब्रिगेडियर एजेड शिरोनाम असम द्वारा हस्ताक्षरित मीडिया को जारी एक ई-मेल में बताया गया है कि मुखबिरी के आरोप में धनजित दास और संजीव शर्मा नामक दो युवकों को मृत्यु दंड की सजा दी गयी है। दोनों को यह सजा शनिवार को ही दी गयी।

उल्लेखनीय है कि दोनों युवक हाल ही में उल्फा (स्व) में शामिल हुए थे। धनजीत दास उर्फ रूपक बरपेटा जिला के बरपेटा टाउन का निवासी है जबकि संजीव शर्मा कामरूप जिला के मुक्तापुर गांव का निवासी है। आरोप था कि यह दोनों असम पुलिस की मुखबिरी करने के लिए ही उल्फा (स्व) में शामिल हुए। उल्फा के बयान के बाद दोनों युवकों के परिवारों में मातम छाया गया है।